गोंडा व बहराइच के जायरीन को लेकर मसौली इलाके के बांसा शरीफ में नौचंदी जा रही एक जीप सड़क पर जानवर को बचाने के चक्कर में पलट गई। इस हादसे में जीप सवार दो महिला व एक युवक की मौत हो गई जबकि तेरह लोग घायल हो गए।
सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस के मुताबिक करीब उन्नीस साल पुरानी जीप में 17 लोग सवार होकर बांसा शरीफ जा रहे थे। ओवरलोडेड वाहन के चलते भी यह हादसा हुआ।
पुलिस के मुताबिक गोंडा जिले से सवारियां लेकर जा रही एक जीप रामनगर थाना क्षेत्र में मरकामऊ मार्ग पर मड़ना गांव के पास सामने एक जानवर को बचाने के चक्कर में बेकाबू हो गई। इस हादसे के बाद आसपास इलाके में अफरातफरी मच गई। इसके बाद पहुंचे ग्रामीणों व पुलिस ने घायलों की मदद शुरू की।
हादसे में जीप सवार सादुल्ला(35) पत्नी गोबरे निवासी ग्राम बैरागी पुरवा थाना कटरा बाजार जिला गोंडा, रुबीना(22) पुत्री सरवर अली निवासी ग्राम अहिररन कुंडली थाना कटरा बाजार गोंडा व इमदाद हुसैन(42) पुत्र अब्दुल वाहिद निवासी ग्राम गुनवा थाना करनैलगंज गोंडा की मौके पर ही मौत हो गई।
अन्य 14 लोग घायल हो गए जिन्हें पुलिस ने एंबुलेंस से सीएचसी रामनगर पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने गंभीर रूप से घायल 11 लोगों को जिला अस्पताल भेजा है। हादसे में घायल होने वालों में सावन प्रसाद(55) पुत्र राजेंद्र निवासी ग्राम तिवारी पुरवा थाना कटरा बाजार गोंडा, हाजरा (19) पत्नी जुनैद निवासी हुजूरपुर जनपद बहराइच, शकीरा(45) निवासी ग्राम चंदू पुरवा हुजूरपुर बहराइच, नान बाबू(35) पुत्र मुमताज अली निवासी ग्राम दुबई थाना परसपुर गोंडा, सरवर जहां(32) पत्नी वकील व इनका पांच माह का बेटा अरशद निवासी कटरा बाजार गोंडा, शरीफ(60) पुत्र साकिर निवासी ग्राम कौड़िया बाजार गोंडा, अकील अहमद(35) पुत्र हसन निवासी कटरा बाजार गोंडा, राबिया(35) पत्नी सरवर अली निवासी कटरा गोंडा , राजिया(45) पत्नी इसराइल निवासी कटरा बाजार गोंडा, अनवरी(45) पत्नी गोबरे, रूखसाना(30) पत्नी रईस निवासी ग्राम कुंडली थाना हुजूरपुर बहराइच हसन रजा (45) निवासी कचरा गोंडा, रेहान(10) पुत्र रईस निवासी कटरा बाजार गोंडा शामिल हैं। एएसपी उत्तरी आरएस गौतम ने बताया कि हादसे में एक मोर भी मर गया है जिसके शव को वन विभाग की टीम ने कब्जे में लिया है
अस्पताल में इलाज के लिए तड़पते रहे मरीज
जिला अस्पताल में व्याप्त सुविधाओं की उस समय पोल खुल गई जब रामनगर हादसे में शिकार घायल यहां लाए गए। इन घायलों को न तो बेड मिला और न ही सही इलाज। हालांकि सीएमओ डॉ रमेश चंद्र डॉक्टरों की टीम के साथ यहां मुस्तैद रहे लेकिन उसके बावजूद मरीजों को स्ट्रेचर पर लेटाकर ही इलाज किया गया। मरीजों की चीख पुकार से हर कोई परेशान रहा।