मनोज ने कहा कि रामकथा का पहला मकसद है उसे लोगों तक दूर-दूर पहुंचाना। हमारा मकसद भी 10-12 साल के बच्चों तक को सामान्य बोलचाल की भाषा के जरिये मर्यादा पुरुषोत्तम राम से जोड़ना था। एक बात और, सिर्फ हनुमान जी के संवाद पर ही बात क्यों हो रही है। लोगों को भगवान श्रीराम के संवादों पर भी बात करनी चाहिए। दूसरी बात हम रामायण से प्रेरित जरूर हैं लेकिन हमने रामायण नहीं बनाई है। हमने रामायण के युद्ध काल का छोटा सा हिस्सा लिया है फिल्म रामायण से प्रेरित है रामायण नहीं है। फ़िल्म के गीतों को भी खूब पसंद किया जा रहा है। गीतों को सौ मिलियन से अधिक व्यूज मिल चुके हैं।