शहरवासियों को इस सीजन में आम का स्वाद कुछ फीका लग सकता है। मौसम की मार ने आम की फसल को खासा नुकसान पहुंचाया है। किसानों और आम के व्यापारियों का कहना है पिछले दो तूफानों में आम की करीब 40 फीसदी फसल बर्बाद हुई है।
ये तूफान ऐसे समय में आए हैं जब आम बाजार में दस्तक देने के लिए लगभग तैयार हैं। जाहिर है इस नुकसान का बोझ आम के दीवानों पर भी पड़ेगा। इस बार उन्हें आम का स्वाद चखने के लिए सामान्य से ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है।
राजधानी के मलिहाबाद का आम देश ही नहीं दुनिया भर में मशहूर है। रविवार शाम आंधी के साथ गिरे ओलों के कारण भारी मात्रा में आम पेड़ों से गिर गए हैं। यहां के किसानों की आय का यह मुख्य जरिया है। इसके लिए यहां के किसान साल भर कड़ी मेहनत करते हैं।
ओलों की चोट से खराब हुए आम को किसान अब सिर्फ अचार बनाने के काम में ही इस्तेमाल कर सकते हैं। इस नुकसान की भरपाई के लिए यहां के किसान सरकार से मदद की उम्मीद लगाए हुए हैं।
बाग मालिक और ठेकेदार इस संबंध में जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात करने की योजना बना रहे हैं। वहीं, कृषि विभाग नुकसान का आंकलन करने में जुट गया है।