लखनऊ। राजधानी की कथक नृत्यांगना देविका देवेंद्र एस. मंगलामुखी और रंगमंच निर्देशक प्रिवेंद्र कुमार सिंह को प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार के लिए चुना गया है। सोमवार को संगीत नाटक अकादमी की ओर से वर्ष 2024 और 2025 के पुरस्कारों के तहत नई दिल्ली के मेघदूत परिसर में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत दोनों कलाकारों को पुरस्कार प्रदान करेंगे।
कथक में बनाई अलग पहचान
लखनऊ घराने की कथक नृत्यांगना देविका देवेंद्र एस. मंगलामुखी को वर्ष 2025 का पुरस्कार मिला है। गुरु स्व. कपिला राज शर्मा से कथक की शिक्षा लेने वाली मंगलामुखी ट्रांसजेंडर समुदाय की पहली कलाकार हैं। उन्हें इससे पहले संस्कृति मंत्रालय का राष्ट्रीय मीरा सम्मान भी मिल चुका है। वह उप्र ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड की सदस्य और सलाहकार हैं।
रंगमंच को निर्देशन से दी नई धार
रंगमंच निर्देशक प्रिवेंद्र कुमार सिंह को वर्ष 2024 के पुरस्कार के लिए चुना गया है। उन्होंने भारतेंदु नाट्य अकादमी समेत कई प्रमुख मंचों के लिए गुमराह, गैजेट और थोड़ा-थोड़ा गांधी जैसे नाटकों का निर्देशन किया है। रंगमंच के क्षेत्र में निरंतर योगदान और उत्कृष्ट निर्देशन के लिए उन्हें यह सम्मान दिया जा रहा है।
देविका एस मंगलामुखी