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Lucknow News: कई कॉलेजों के प्रबंधक भी बनवाते थे फेल छात्रों के जाली अंकपत्र

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कई कॉलेजों के प्रबंधक भी बनवाते थे फेल छात्रों के जाली अंकपत्र
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लखनऊ। फर्जी वेबसाइट के जरिये जाली अंकपत्र बनाने वाले गिरोह में कई कॉलेजों के प्रबंधकों की संलिप्तता भी उजागर हुई है। एसटीएफ की पड़ताल में सामने आया है कि अयोध्या, हमीरपुर और झांसी समेत अन्य जिलों के प्रबंधकों ने बड़ी संख्या में छात्रों के जाली अंकपत्र जालसाजों से बनवाए थे। एसटीएफ में इंस्पेक्टर अंजनी कुमार पांडेय के मुताबिक पूछताछ में गिरफ्तार किए गए आरोपी अल्ताफ, लक्ष्य और कृष्ण ने बताया कि प्रबंधक फेल होने वाले छात्रों के जाली अंकपत्र बनवाते थे।
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इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपियों ने हमीरपुर की तरन्नुम बानो, झांसी के अब्दुल नईम, अयोध्या के शिवशंकर और अवधेश उर्फ कालीचरन का नाम बताया है। पारा थाने में दर्ज एफआईआर में तीनों आरोपियों के अलावा इन कॉलेज प्रबंधकों को भी नामजद किया गया है। प्रबंधक फेल छात्रों के अंकपत्र बनवाने के लिए उनसे मोटी रकम लेते थे। इसके बाद आरोपियों को 15 से 20 हजार रुपये देकर अंकपत्र बनवा लेते थे। आरोपी इन रुपयों को आपस में बांट लेते थे। आरोपियों के लैपटाॅप की छानबीन में पता चला है कि गिरोह ने करीब 15 हजार जाली अंकपत्र बनाकर बेचे हैं। एसटीएफ जल्द ही आरोपी प्रबंधकों पर शिकंंजा कसेगी।
वाराणसी के साथी से बनवाई थी वेबसाइट

पड़ताल में सामने आया है कि गिरोह में वाराणसी का एक युवक भी शामिल है, जो फर्जी वेबसाइट बनाता है। इसके लिए आरोपी उसे भुगतान करते हैं। वाराणसी के जालसाज ने करीब 100 से अधिक फर्जी वेबसाइट आरोपियों के लिए बनाई थी। एसटीएफ उस युवक की तलाश कर रही है। इसके लिए वाराणसी यूनिट से संपर्क किया गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।
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बरामद मोबाइल से मिली अहम जानकारी

आरोपियाें के पास से बरामद किए गए मोबाइल फोन से कई साक्ष्य मिले हैं। एसटीएफ का कहना है कि आरोपियों ने व्हाट्सएप बिजनेस अकाउंट खोल रखा था, जिसका नाम Mughni Institute of Professional Education है। इसकी चैट में अलग-अलग अकाउंट से फर्जी अंकपत्र, दस्तावेज और रुपयों के लेन-देन का स्क्रीनशॉट मिला है। आरोपियों ने अपने फोन में पांच ईमेल आईडी लाॅगइन कर रखा था। आरोपियों ने बताया कि वे लैपटाॅप पर कोरल साॅफ्टवेयर के जरिये फर्जी अंकपत्र तैयार करते थे।
जाली अंकपत्र से सैकड़ों ने पाई समूह ग की नौकरी

एसटीएफ का कहना है कि आरोपियों के जाली अंकपत्र से न केवल यूपी बल्कि देश के कई राज्यों में लोगों ने नौकरी पाई है। इनमें सबसे ज्यादा समूह ग में नौकरी पाने वाले लोग हैं। राजस्थान में कुछ दिनों पहले समूह ग की नौकरी पाने के लिए कई अभ्यर्थियों ने आरोपियों से जाली अंकपत्र बनवाया था।
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