साइबर क्राइम इंस्पेक्टर के मुताबिक जीएसटी चोरी करने के लिए सरकार ने परिवहन के लिए ई-वे बिल अनिवार्य कर दिया। जिससे हर खरीद की सूचना विभाग को मिलने लगी लेकिन इन शातिर अपराधियों द्वारा माल को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए ऐसी योजना बनाई गई कि किसी तरह ई-वे बिल भी प्राप्त कर लिया जाए। अपना नाम भी सामने न आये। इसके लिए आरोपियों ने फर्जी तरीके से फर्म बनाई। इन फर्मों का जीएसटी में पंजीयन कराने के लिए ऑन लाइन व्यवस्था स्वत: पंजीयन प्रणाली का दुरुपयोग किया गया। आनलाइन प्रक्रिया में ओटीपी हासिल करने के लिए एक मोबाइल नंबर व ई-मेल का प्रयोग किया गया। जो कई फर्म में एक ही व्यक्ति, एक मोबाइल नंबर, एक ई-मेल का प्रयोग इन शातिर अपराधियों ने किया। फर्जी कंपनी तैयार कर उसमें फर्जी क्रय-विक्रय दिखाया और करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी की।
संजय ने खोली थी 37 फर्में, लगाया 215 करोड़ का चूना
एसपी साइबर क्राइम त्रिवेणी सिंह के मुताबिक जब इन फर्जी फर्म का भौतिक सत्यापन किया गया तो फर्जीवाड़ा सामने आया। संजय सिंह यादव ने अपने नाम से 37 फर्म तैयार की। इनके फर्जी तरीके से बैंक में खाते खुलवाये। वहीं इन सभी 37 बैंक खातों में तीन मोबाइल नंबर का प्रयोग किया। एसपी क्राइम त्रिवेणी सिंह के मुताबिक इन खातो में 215 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया। संजय की कुंडली खंगाली गई तो सामने आया कि उसने अपनी पत्नी के नाम पर इमपोर्टी सेल नाम की कंपनी बना रखी है। जिसके दिल्ली में स्टोर है। संजय की पत्नी के नाम पर दिल्ली में फ्लैट, लखनऊ में मकान हैं।
1700 करोड़ की जीएसटी चोरी में भी आया था नाम
एसपी साइबर क्राइम त्रिवेणी सिंह के मुताबिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी संजय सिंह यादव का नाम कुछ दिन पहले भी आया था। मेरठ में जीएसटी विभाग ने 1700 करोड़ रुपये की चोरी पकड़ी थी। इसमें 650 फर्जी फर्मों का नाम सामने आया। इस प्रकरण में संजय सिंह यादव और उसके सहयोगी चार्टेड अकाउंटेंट प्रदीप कुमार का नाम भी सामने आया। प्रदीप दिल्ली का रहने वाला है। उसके पास कई बड़े कारोबारियों के व्यापार की कुंडली है। एसपी साइबर क्राइम के मुताबिक इस मामले में अब जीएसटी विभाग से विवेचना में मदद ली जाएगी। इस फर्जीवाड़े के खुलासे में साइबर क्राइम थाने के प्रभारी निरीक्षक मो. मुस्लिम खां, एसआई गुलाम हुसैन, आरक्षी संतोष कुमार तिवारी, धनिश यादव, संजय कसौधन, सौरभ गंगवार, प्रशांत शुक्ला ने महत्वूर्ण भूमिका निभाई।