लखनऊ। फॉर्म भरवाने के बहाने नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने के आरोपी शिवशंकर भारती को दोषी ठहराते हुए पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश नीरज कुमार उपाध्याय ने 10 साल की कैद और 23 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। कोर्ट ने जुर्माने की आधी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है। इस मामले में आरोपी रहे नागेश्वर भारती को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
कोर्ट में पॉक्सो एक्ट के विशेष अभियोजक ने बताया कि वादी ने बाजारखाला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एफआईआर के मुताबिक वादी तीन मई 2018 को पत्नी का इलाज कराने गया था। उनकी 16 वर्षीय पुत्री सुबह 10 बजे सहेलियों के साथ निकली थी। जब वह अपनी पत्नी का इलाज कराकर घर आया तो पाया कि उसकी पुत्री घर वापस नहीं आई है। घर लौटने पर वादी ने बेटी को गायब पाया और मोबाइल बंद मिला। पुलिस ने विवेचना कर अगले दिन आरोपी शिवशंकर भारती को गिरफ्तार किया। किशोरी को परिजनों को सौंप दिया गया। विवेचना में पता चला कि आरोपी शिवशंकर फॉर्म भरवाने के बहाने नाबालिग को घर ले गया और दुष्कर्म किया। पीड़िता ने पुलिस को बताया था कि आरोपी के भाई नागेश्वर भारती ने आरोपी की मदद की थी।