लखनऊ। साइबर जालसाज ने गोमतीनगर निवासी युवक से ग्रीन गैस का बिल अपडेट करने के नाम पर लिंक भेज कर 96 हजार ठग लिए। पीड़ित ने गोमतीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
गोमतीनगर के विनीतखंड-छह निवासी भरत सिंह के मुताबिक एक सितंबर को उनके मोबाइल पर मकान मालकिन का मेसेज आया। उसमें ग्रीन गैस कनेक्शन के अपडेट नहीं होने की बात लिखी थी। साथ में एक मोबाइल नंबर भी था। नंबर पर संपर्क करने पर कॉल रिसीव करने वाले ने अपना नाम दया मिश्रा बताया। उसने बिल अपडेट कराने की बात कही और उनके व्हाट्सएप पर लिंक भेज दिया। भरत ने बताया कि लिंक खोलते ही एक फॉर्म आया, जिसमें उन्होंने क्रेडिट कार्ड संबंधी सारी जानकारी भर दी। पीड़ित का आरोप है कि थोड़ी देर बाद उनके कार्ड से 96 हजार 249 रुपये निकल गए। आशंका है कि मकान मालकिन का फोन हैक कर मेसेज भेजा गया था। भरत ने मामले की शिकायत गोमतीनगर थाने में की। इंस्पेक्टर ब्रजेश चंद्र तिवारी ने बताया कि मामले की तफ्तीश साइबर सेल कर रही है।
पारिजात अपार्टमेंट के आरडब्ल्यूए ग्रुप पर भी भेजा लिंक
साइबर ठगों ने अयोध्या रोड स्थित पारिजात अपार्टमेंट के आरडब्ल्यूए ग्रुप पर ठगी के लिए ग्रीन गैस कनेक्शन के नाम पर लिंक भेजा। हालांकि सतर्कता के चलते ग्रुप के सदस्य ठगी का शिकार होने से बच गए। ग्रुप में लिंक भेजने से पहले आरोपियों ने अपार्टमेंट में रहने वाले पांच लोगों के मोबाइल पर भी लिंक भेजा था। मगर उन्होंने भी फाइल डाउनलोड नहीं की थी।
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इस ठगी से कैसे बचें
एडीसीपी क्राइम किरन यादव ने बताया कि किसी अनजान नंबर से आई एपीके फाइल डाउनलोड या इंस्टाल न करें। गैस अथवा बिजली कनेक्शन काटने की धमकी मिले तो संबंधित कंपनी के अधिकृत माध्यम से सत्यापन करें। ओटीपी, डेबिट-क्रेडिट कार्ड की जानकारी और बैंक संबंधी विवरण किसी को न दें। संदिग्ध कॉल या मेसेज मिलने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करें।