लखनऊ। घर में अकेले रह रहे बुजुर्ग दंपती से लूटपाट के बाद गला रेत कर हत्या मामले में आकिब महमूद को दोषी ठहराकर एडीजे कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आकिब पर 51 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने इस मामले में आरोपी रहे उस्मान उर्फ चपाती को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
कोर्ट ने आकिब महमूद को सजा सुनाते हुए कहा की उसने पैसे और जेवर की लालच में अपने पिता के मित्र के घर में घुसकर लूटपाट की। इसी दौरान मृतक हिलाल और उसकी पत्नी बिलकिस की निर्मम हत्या कर दी। कोर्ट ने कहा कि आरोपी ने इस कृत्य से सामाजिक समरसता, सद्भाव और आपसी विश्वास के ताने बाने को क्षति पहुंचाते हुए नृशंस और जघन्य अपराध किया है। लिहाजा, उसके प्रति किसी प्रकार की कोई सहानुभूति दिखाने का कोई औचित्य नहीं है।
इसके पहले कोर्ट में सरकारी वकील ने बताया कि मामले के वादी मंसूर अहमद ने सआदतगंज थाने में 13 दिसंबर 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके मुताबिक एक दिन पहले 12 दिसंबर को दस बजे रात में उसे सूचना मिली थी कि वादी के भाई हिलाल अहमद और उनकी पत्नी बिलकिस बानो की हत्या कर दी गई है। इस पर वादी जब अपने भाई के घर पहुंचा तो देखा की दोनों की गर्दन पर वार करके हत्या की गई है। विवेचना के दौरान पता चला कि आकिब के पिता महमूदुल हसन शम्सी और हिलाल के बीच गहरी दोस्ती थी। लिहाजा, आकिब का हिलाल के घर बराबर आना-जाना था। विवेचना में पता चला था की हिलाल की चौक में एक दुकान थी, जिसे बेचने का उन्होंने सौदा किया था। दुकान के लिए कुछ पैसे भी मिल गए थे, जिसकी जानकारी आकिब को हो गई थी। आकिब ने अपने दोस्त उस्मान उर्फ चपाती के साथ हिलाल के घर में घुसकर लूटपाट की और दंपती की हत्या कर दी। पुलिस ने विवेचना के दौरान आकिब और उस्मान को गिरफ्तार करके लूटे गए जेवरात बरामद किए थे।