लखनऊ। नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने के आरोपी मुनीर शाह को दोषी ठहराकर पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश ने 10 वर्ष की कैद और 16 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। इस मामले में आरोपी बनाए गए मुनीर शाह के भाई मकबूल आलम को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
कोर्ट में सरकारी वकील ने बताया कि वादिनी ने मड़ियांव थाने में 31 अक्तूबर 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एफआईआर के मुताबिक 27 अक्तूबर की रात 12 बजे वादिनी की 16 वर्षीय लड़की लघुशंका के लिए बाहर गई थी। देर तक वापस आने पर वादिनी ने उसे काफी खोजा, लेकिन कुछ पता नहीं चला। रिपोर्ट में कहा गया कि वादिनी की बेटी जब भी घर से बाहर निकलती थी आरोपी मुनीर और मकबूल अक्सर उसका पीछा करते थे। इस शंका पर वादिनी मुनीर शाह के घर गई और दरवाजा खुलवाया तो उनकी बेटी वहां मिली। वादिनी की बेटी ने रोते हुए बताया कि दोनों आरोपी उसका मुंह बंद करके अपने साथ ले गए थे और उसके साथ दुष्कर्म किया है। आरोपियों ने नाबालिग को गाली-गलौज और जानमाल की धमकी भी दी थी।