पिता की हत्या का बदला लेनी की कहानी पर फिल्में तो खूब बनी लेकिन लखनऊ के रामपुर गांव में रविवार देर ऐसी ही एक वारदात हुई। इसमें 29 साल पहले हुई पिता की हत्या का बदला लेने के लिए आरोपी ने पहले हत्यारे से दोस्ती की फिर अपना बदला चुकाया।
रविवार की रात बुजुर्ग सुंदरलाल की हुई हत्या का खुलासा पुलिस ने सोमवार सुबह कर दिया। पुलिस ने हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने आला कत्ल बांका भी बरामद कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पिता की मौत का बदला लेने के मकसद से हत्या की थी।
प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह के मुताबिक रविवार रात रामपुर निवासी सुंदरलाल की धारदार हथियार से हत्या की गई। हत्या गांव के कल्याण सिंह ने की थी। देर रात सुंदरलाल गांव के नुक्कड़ पर बैठे थे। इसी बीच कल्याण वहां पहुंचा और बांके से उसके चेहरे पर ताबड़तोड़ कई वार किए। खून से लथपथ सुंदरलाल वहीं गिर गया। कल्याण मौके से भाग निकला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल सुंदरलाल को अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने हत्या की वारदात के खुलासे को देर रात से ही छापामारी शुरू कर दी थी।
29 साल पहले हुई थी पिता की हत्या
प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, आरोपी कल्याण सिंह को सोमवार सुबह गंगागंज से दबोच लिया गया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि 29 साल पहले 1990 में उसके पिता रामस्वरूप की हत्या कर दी गई थी। वारदात के वक्त कल्याण महज 15 दिन का था। बड़े होने पर कल्याण की मां ने उसे पिता की हत्या के बारे में जानकारी दी। मां ने बताया कि सुंदर ने ही उसके पिता की हत्या की थी। इस मामले में सुंदरलाल जेल भी गया था।
मां के कहने पर बनाई बदले की योजना
पिता की हत्या करने की जानकारी होने पर कल्याण ने बदले की योजना बनाई। रविवार सुबह वह घर से टहलने निकला था। उसे पता चला कि गांव के नुक्कड़ पर सुंदरलाल कुछ लोगों के साथ बैठा है। वह घर से बांका लेकर वहां आ धमका।
इसके बाद कल्याण ने सुंदरलाल पर बांके से कई बार हमला किया। मृतक के बेटे आशाराम की तहरीर पर पुलिस ने कल्याण के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। उपनिरीक्षक अर्जुन सिंह, विजय कुमार सिंह, संजय शुक्ल, आरक्षी अशोक, विजय और राहुल की टीम ने आरोपी की गिरफ्तारी को दबिश देनी शुरू कर दी। आरोपी को सोमवार तड़के गंगागंज के पास से दबोच लिया गया। उसे देर शाम जेल भेज दिया।
पुलिया के अंदर से आला कत्ल बरामद
आरोपी कल्याण ने सुंदरलाल की हत्या करने के बाद आला कत्ल बांका को गांव के बाहर नहर की पुलिया के नीचे छिपाया था। पकड़े जाने के बाद पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की। जिसके बाद उसने अपराध कुबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने नहर की पुलिया के नीचे से बांका भी बरामद कर लिया।