उत्तर प्रदेश के तालकटोरा थाना क्षेत्र में एक युवक ने नशे के लिए पत्नी से पैसे नहीं मिलने पर अपने 11 दिन के बेटे का गला घोंट दिया।
मोहल्ले में चौकाबर्तन करने वाली पत्नी के दो महीने से काम पर न जाने से वह बौखलाया था। तंगहाली के चलते पत्नी उसे नशे के लिए पैसे नहीं दे पा रही थी। पुलिस ने नामजद रिपोर्ट दर्ज करके आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
एसओ तालकटोरा अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि मोहल्ला प्रभातपुरम में वकील बीएन मिश्रा के मकान में किराए पर रहने वाले मुन्नू उर्फ महेंद्र ने शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे मासूम बेटे का गला घोंटने के बाद उसे अपनी दो वर्षीय बेटी खुशी के पास बिस्तर पर लेटा दिया।
स्मैक का भी था आदी
दोपहर 12 बजे पत्नी सोनम घर लौटी तो दोनों बच्चे सोते नजर आए। घरेलू काम निपटाने के बाद उसने नवजात को उठाया तो उसका शरीर ठंडा पड़ चुका था। गले पर गहरा निशान था।
नवजात को मृत देख सोनम रोते-चीखते बाहर आई। अन्य किराएदार दौड़े। महेंद्र नवजात का शव लेकर बाहर आया। भीड़ एकत्र होते देख महेंद्र बेटे का शव बिस्तर पर पटका और भाग निकला।
आसपास के लोगों ने बताया कि उन्होंने नवजात के रोने और महेंद्र द्वारा उसे डांटने की आवाज सुनी थी। इसके बाद से बच्चा चुप हो गया था।
मासूम खुशी ने पिता द्वारा नवजात का गला दबाने की पुष्टि की। इस पर सोनम ने अपने पति के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
काम पर न जाने के कारण हुआ झगड़ा
कुछ महीने पहले गले में बीमारी के चलते काफी हद तक आवाज खो चुकी सोनम ने बताया कि महेंद्र कभी कभार पुताई करके कुछ कमा लेता है, लेकिन अपनी कमाई नशे में उड़ा देता था।
इसलिए खर्च चलाने के लिए वह आसपास के घरों में चौकाबर्तन करती थी। आठ महीने का गर्भ होने पर उसने काम छोड़ दिया था। इससे महेंद्र नाराज था। बच्चे का जन्म होने के दो दिन बाद से महेंद्र ने उस पर काम पर जाने के लिए दबाव बनाना शुरू किया था और नशे के लिए पैसे देने की जिद कर रहा था।
इन्कार करने पर उनमें दो दिन से झगड़ा हो रहा था। सोनम ने पुलिस को बताया कि वह सुबह नवजात को सुलाकर राजाजीपुरम के सचिवालय कॉलोनी में रहने वाली अपनी मां सुमन के घर गई थी।
एसओ ने बताया कि नवजात का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ महेंद्र के संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। पता चला है कि वह स्मैक का भी आदी है।