सीतापुर में बुधवार रात ढाबे पर आरोपी ने अपने दोस्त की हत्या कर दी। गोली मारकर मौत के घाट उतारने वाले आरोपी को इसका कोई पछतावा भी नहीं है। पुलिस की पूछताछ में उसने अपना गुनाह कुबूल कर लिया। अपने बयान में बताया कि मृतक के उसकी मां व बहन से अवैध संबंध थे। कई बार मना करने भी वह नहीं मान रहा था। उसका यही अंजाम होना चाहिए था। हमले में वह बच न सके इसलिए एक के बाद एक तीन गोलियां सीने व गर्दन पर दाग दीं। पुलिस ने पूछताछ के बाद केस दर्ज कर गुरुवार की शाम आरोपी को जेल भेज दिया। मौका-ए-वारदात से आरोपी की गिरफ्तारी होने पर आलाकत्ल तमंचा पुलिस पहले ही बरामद कर चुकी थी। उधर, मृतक के पोस्टमार्ट के बाद शव परिवारीजनों को सौंप दिया गया।
शहर के रोडवेज बस स्टॉप के सामने रतन पंजाबी ढाबे पर बुधवार रात 9:18 बजे तमंचे से एक के बाद एक तीन गोलियां दागकर एक युवक की हत्या से सनसनी फैल गई। वारदात के दौरान मची भगदड़ में ढाबा मालिक ने बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। लिहाजा, पुलिस ने आरोपी को मौके से तमंचा सहित गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस की जांच में मृतक की शिनाख्त धर्मेन्द्र प्रताप सिंह निवासी बंसूपुर बसुंधरा जिला बाराबंकी के रूप में हुई। जबकि आरोपी की पहचान शानू पुत्र रामनरेश निवासी भगवंतपुर थाना रामपुर कला जिला सीतापुर के रूप में की गई। मृतक धर्मेन्द्र शहर के मोहल्ला आदर्शनगर निवासी अपने बहनोई मुल्लू के यहां रहता था। पूछताछ में आरोपी शानू ने बताया कि धर्मेन्द्र कुछ समय पहले उसकी गाड़ी चलाता था। इसी दौरान उसकी मां व बहन से अवैध रिश्ता बना लिया। इसकी भनक लगने पर उसे चेतावनी देकर नौकरी से निकाल दिया था।
आरोपी के मुताबिक इसके बाद धर्मेन्द्र रोडवेज की कैंटीन पर नौकरी करने लगा। मगर उसकी मां व बहन का पीछा कई बार समझाने पर भी नहीं छोड़ा। इसलिए उसे हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया। चूंकि वह लोग पहले से परिचित थे, इसलिए बुधवार की देर शाम खाना खाने ढाबे पर ले गया। फिर मोबाइल पर कॉल आने का बहाना कर खड़ा हुआ और तमंचा निकालकर सीने पर गोली चला दी। गोली चलते ही भगदड़ मच गई। इस पर भी वह भागने के बजाय दूसरी व तीसरी बार तमंचा लोड कर फायर झोंक दिया। सीने व गर्दन पर तीन गोलियां दागने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस से अपनी कारगुजारी का इकरार कर रहे आरोपी के चेहरे पर कोई पछतावा नजर नही आया। मृतक के बहनोई मुल्लू की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज करते हुए उसे जेल दिया है।