लखनऊ। चचेरी बहन का अपहरण और दुष्कर्म करने के मामले में एडीजे प्रशांत बिलगैया ने फैसला सुनाया है। आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष की कैद और 11 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया है। मामले की सुनवाई के दौरान इस केस के अन्य आरोपी बिजेंद्र सिंह यादव की मौत हो गई थी।
अभियोजन ने बताया कि वादी ने दो जुलाई 2013 को पीजीआई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वादी ने 29 जून को अपनी बड़ी बेटी को लड़कों से मिलने पर डांटा था। एक जुलाई को वादी और उसकी पत्नी घर लौटे तो ताला लगा था। पड़ोसियों से पता चला कि दोनों बेटियां और आरोपी भतीजा गांव चले गए हैं। जांच में
सामने आया कि वादी के पास अपनी रिश्तेदारी में
आने वाला बिजेंद्र सिंह यादव बड़ी बेटी को परेशान करता था। वह उस पर शादी का दबाव बनाता था। बिजेंद्र ने उनके आरोपी भतीजे को अपने साथ मिला लिया था। आरोपी भतीजे की शह पर बिजेंद्र ने घर में बड़ी बेटी से दुष्कर्म किया था।
घटना वाले दिन आरोपी दोनों बहनों को गांव चलने के लिए मनाकर बाहर ले गया। रास्ते में बिजेंद्र मिला और उन्हें अपनी कार में रायबरेली ले गया। रायबरेली के होटल में बिजेंद्र ने बड़ी बहन और आरोपी ने अपनी चचेरी छोटी बहन के साथ दुष्कर्म किया था। इसके बाद आरोपियों ने लड़कियों को विंध्याचल और चित्रकूट ले जाकर भी दुष्कर्म किया। (संवाद)