मुर्तिहा कोतवाली क्षेत्र निवासी एक मंदबुद्धि युवक गलती से बांग्लादेश पहुंच गया था। वहीं परिजन उसकी तलाश जिले में कर रहे थे। युवक के लापता होने के लगभग डेढ़ साल बाद बांग्लादेश के एक वीडियो जर्नलिस्ट की नजर युवक पर पड़ी तो उसने बहराइच प्रशासन से संपर्क साधा। यही नहीं उसने युवक के परिजनों से वीडियो कॉल के जरिए युवक की बात भी करवायी। मंदबुद्धि युवक के लापता होने से लेकर वीडियो कॉल तक के पूरे सफर व पीड़ा को अमर उजाला के 22 अगस्त 2022 के अंक में डेढ़ साल पहले मुर्तिहा से लापता युवक बांग्लादेश में मिला शीर्षक के साथ प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। जिसके बाद युवक के वतन वापसी की कार्यवाही तेज हुई। जिसमें सबसे महती भूमिका जिला प्रशासन ने निभाई।
सभी के अथक प्रयासों के बाद लगभग दो साल मंदबुद्धि युवक की बृहस्पतिवार को वतन वापसी हो गयी। मुर्तिहा कोतवाली के ग्राम पंचायत निधिनगर कंडा निवासी सुभाष (22) की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। इसी के चलते लगभग दो वर्ष पूर्व वह घर से लापता हो गया था। जिसके बाद परिजनों ने मुर्तिहा कोतवाली पर तहरीर देकर गुमशुदगी दर्ज करवायी थी और उसकी तलाश कर रहे थे। इस दौरान सुभाष बांग्लादेश पहुंच गया। जहां लगभग डेढ़ वर्षों तक गुमनामी की जिंदगी जी। इस दौरान बांग्लादेश की पुलिस ने उसका इलाज कराया और इसे मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद निल्फाकारी जिले के समाज कल्याण विभाग को सुपुर्द कर दिया। जहां इस युवक पर वीडियो जर्नलिस्ट शमसुल डूडा की नजर की।
ये भी पढ़ें - मोदी के मन की बात से भाजपा बदलेगी अल्पसंख्यक समुदाय का मन, ये है पूरा प्लान
ये भी पढ़ें - मिल गया लापता हुआ सारस पक्षी: अखिलेश यादव ने दी थी आंदोलन की चेतावनी, ट्वीट कर कही थी ये बात
युवक की हालत देख उसने उससे जानकारी ली और फिर ढाका उच्चायोग से संपर्क किया। साथ ही तत्कालीन पुलिस अधीक्षक केशव कुमार चौधरी से संपर्क कर युवक के परिजनों का नंबर हासिल किया। घर का नंबर मिलने पर शमसुल ने वीडियो कॉल के जरिए सुभाष की बात उसकी मां सुनीता व पिता लक्ष्मण प्रसाद से बात करवायी तो पूरा परिवार भावुक हो गया। साथ वीडियो जर्नलिस्ट ने युवक की वतन वापसी के लिए ढाका से दिल्ली तक हुक्मरानों से संपर्क किया। बांग्लादेश के वीडियो जर्नलिस्ट शमसुल डूडा के इस प्रयास और सुभाष के वतन वापसी के लिए अमर उजाला ने भी पहल की। अमर उजाला के 22 अगस्त के अंक में डेढ़ साल पहले मुर्तिहा से लापता युवक बांग्लादेश में मिला शीर्षक के साथ प्रमुखता से खबर का प्रकाशन किया गया। जिसके बाद जिला प्रशासन ने युवक के वतन वापसी की प्रक्रिया तेज कर दी। डीएम डॉ. दिनेश चन्द्र ने विदेश मंत्रालय को युवक की डिटेल सहित जानकारी भेजी और वापसी की प्रक्रिया के लिए सहयोग मांगा। जिसके लगभग सात माह बाद वह बृहस्पतिवार को वह दिन आया जब युवक परिजनों के साथ सकुशल घर वापस आ गया।
डीएम, एसपी, एमएलसी व रोटरी क्लब ने किया सम्मानित
सुभाष के वतन वापसी पर बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में एमएलसी डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी, जिलाधिकारी डॉक्टर दिनेश चंद्र, एसपी प्रशांत वर्मा, रोटरी क्लब के पदाधिकारियों ने सुभाष का स्वागत किया और उसे सम्मानित किया। इस दौरान डीएम डॉ. दिनेश चन्द्र ने बताया कि युवक की सकुशल वापसी के लिए उन्होंने विदेश मंत्रालय व राज्य सरकार को पत्र लिखा था। जिसका केन्द्र सरकार व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लिया और बांग्लादेश सरकार से संपर्क साध कर युवक के वापसी की प्रक्रिया शुरु की।
रोटरी क्लब के सहयोग से युवक के परिजन ढाका गए और उसे वहां से कोलकाता लाया गया। जहां से बृहस्पतिवार को युवक घर पहुंचा। इस दौरान कलेक्ट्रेट में रोटरी क्लब के पदाधिकारियों ने सुभाष को राशन, कपड़े व आर्थिक मदद की। इस दौरान रोटरी क्लब के अनिल जिंदल,व्यापार मंडल अध्यक्ष कुलभूषण अरोरा, मनीष मेहरोत्रा आदि मौजूद रहे।