सेना में भर्ती के नाम पर दलाली करने वाले चंद्र बहादुर खत्री को एटीएस ने वाराणसी से गिरफ्तार किया है। चंद्र बहादुर सेना में सिपाही रह चुका है। 1991 में भ्रष्टाचार का आरोप लगने पर उसे सेना से बर्खास्त कर दिया गया था।
आईजी एटीएस असीम अरुण ने बताया कि विष्णुलाल भट्टा राय की गिरफ्तारी के बाद चंद्र बहादुर खत्री उर्फ चंदन का नाम सामने आया था। एटीएस की टीम ने सोमवार देर रात वाराणसी से उसे गिरफ्तार कर लिया। चंद्र बहादुर मूल रूप से नेपाल के बागलोन जिला के हटिया थाना क्षेत्र का रहने वाला है। वह वाराणसी कैंट के सदर बाजार में रह रहा था।
आईजी ने बताया कि चंद्र बहादुर सेना का बर्खास्त सिपाही है। वह 1982 में गोरखा रेजीमेंट, गोरखपुर से भर्ती हुआ था। 1991 में इसे सेना से बर्खास्त कर दिया गया था। बर्खास्तगी के बाद चंद्र बहादुर वाराणसी में सेना रेजिमेंट के आसपास किराए का मकान लेकर रहने लगा।
नेपाल से सेना में भर्ती होने के लिए आने वाले युवक इसके निशाने पर होते थे। चंदन 39 गोरखा रेजीमेंट ट्रेनिंग सेंटर वाराणसी में नेपाल से आने वाले युवकों से संपर्क कर स्थानीय निवास, आवास, शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से बनवा कर पैसे लेकर सेना में भर्ती करवाता था। सूत्रों का कहना है कि चंदन ने कई नेपालियों को फर्जी दस्तावेज के जरिए सेना में भर्ती कराया है।