लखनऊ। मित्र पुलिस सोमवार देर रात को युवक की शत्रु बन गई। किला मोहल्ले में सोमवार रात पति-पत्नी का विवाद हो रहा था। इस दौरान पड़ोसी युवक शांत कराने गया। वहीं सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने पड़ोसी युवक व उसकी बहन को वहीं पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद बहन को छोड़कर युवक को थाने ले गई। आरोप है कि उसकी थाने में रातभर पिटाई की गई। सुबह उसकी हालत बिगड़ने पर पुलिस ने थाने से छोड़ दिया। सोशल मीडिया पर वीडियो व फोटो वायरल होने के बाद डीसीपी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
बिजनौर कस्बा के किला मोहल्ले में मुकेश की बेटी काजल रहती है। उसने ककड़कुआं के विशाल नाम के युवक से चार साल पहले प्रेम विवाह किया था। सोमवार को बिजनौर कस्बे में एक दरगाह में उर्स का कार्यक्रम था जिसे देखने के लिए काजल गई थी। इस बात पर विशाल नाराज हो गया। दोनों के बीच विवाद हो गया। मामला मारपीट तक पहुंच गया। इसी बीच काजल ने अपनी मां को जानकारी दे दी। काजल की मां, उसके जीजा और पिता सहित कई लोग वहां पहुंच गए। इसके बाद वे विशाल और उसके पिता को पीटने लगे। शोरगुल सुनकर पड़ोस में रहने वाला सुभाष भी पहुंचा। उसने बीच-बचाव करना शुरू किया। इसी बीच किसी ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दे दी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने लोगों को खदेड़ना शुरू किया। पुलिस ने मौके से विशाल, उसके पिता व सुभाष को पकड़ लिया। बाकी लोग वहां से भाग गए।
पीड़ितों के मुताबिक, पुलिस ने उन तीनों की वहीं पर जमकर पिटाई शुरू कर दी। सुभाष को पिटता देख उसकी बहन शालिनी बचाने पहुंची तो उसे भी पुलिस ने पीटा। इसके बाद पुलिस सुभाष को थाने ले गई। सुभाष का आरोप है कि वहां उसे रातभर जमकर पीटा गया। उसकी हालत बिगड़ने लगी तो पुलिसकर्मियों के हाथ पांव फूलने लगे। इसके बाद परिवारीजनों को थाने बुलाया गया और वहां उनको धमकाने का आरोप है। आरोप है कि पुलिस ने सुभाष के परिवारीजनों से सुपुर्दगीनामा लिखवाया और तब जाकर सुभाष को छोड़ दिया। पिटाई से बुरी तरह से जख्मी सुभाष की मंगलवार को हालत बिगड़ने लगी तो परिवारीजन लोकबंधु अस्पताल लेकर गए। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया लेकिन इसके बाद हाथ खड़े कर लिए। कहा कि पुलिस को सूचना देने के बाद ही आगे इलाज किया जाएगा।
अफसरों ने बिजनौर पुलिस से किया जवाब तलब
मंगलवार को बिजनौर पुलिस के अमानवीय कृत्य की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। इसके बाद अधिकारियों ने बिजनौर प्रभारी निरीक्षक से सवाल जवाब शुरू किया। इस पर प्रभारी निरीक्षक राजकुमार ने अपनी सफाई में कहा कि महिला के शिकायती पत्र पर पुलिस जांच करने गई थी। बाकी जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वे निराधार हैं। उन्होंने कहा कि पीड़िता ने अपने पति के खिलाफ मारपीट व घर से निकालने की शिकायती की है जिस पर एसआई अनुराग पांडेय फोर्स के साथ पहुंचे थे। वहां सभी नशे में थे। मारपीट व लड़ाई झगड़ा हुआ। पुलिस का कहना है कि पीड़िता के पति को पुलिस लेकर आने लगी तो वह धक्का देकर भाग निकला। वहां सुभाष भी मौजूद था, वह काफी नशे में था। सुभाष पुलिस से भिड़ गया था। धक्का-मुक्की करने लगा तो पुलिस उसे थाने ले गई थी। कुछ देर में परिवारीजन भी थाने आए तो उसे समझाकर परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
जांच के बाद दोषी पुलिसकर्मियों पर होगी कार्रवाई : डीसीपी
डीसीपी मध्य अपर्णा रजत कौशिक के मुताबिक, मामला संज्ञान में आया है। एसीपी कृष्णानगर को जांच सौंपी गई है। जांच में दोषी पाए जाने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसीपी कृष्णानगर पवन गौतम का कहना है कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में व्यस्तता की वजह से अभी जांच नहीं हो पाई है। पीड़ित का बयान लेने के लिए एक टीम को भेजा गया है। आरोपी पुलिसकर्मियों को भी बयान के लिए बुलाया गया है।