जंगली जानवरों के हमले से होने वाली मौत भी राज्य आपदा के अन्तर्गत आएंगी। इस पर राज्यपाल ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत मानव-वन्य जीव द्वंद में मौत होने पर मृतक के परिवारीजनों को पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इस संबंध में बुधवार को शासनादेश जारी कर दिया गया।
इसके पहले बेमौसम भारी वर्षा, आकाशीय बिजली, आंधी-तूफान, लू-प्रकोप, नाव दुर्घटना, सर्पदंश, सीवर सफाई, गैस रिसाव तथा बोरवेल में गिरने से होने वाली दुर्घटना को राज्य आपदा घोषित किया जा चुका है। वहीं, 27 जून 2016 को जारी की गई अधिसूचना में संशोधन कर 10 अगस्त 2018 को जारी हुई नई अधिसूचना में अतिवृष्टि को भी राज्य आपदा सूची में शामिल किया गया है।
वन्य जीव जैसे कि बाघ, शेर, तेन्दुआ, भेड़िया, लकड़बग्घा, मगरमच्छ, हाथी, गैण्डा एवं जंगली सुअर के हमले पर राज्य आपदा मोचक निधि के मानक से अधिक व्यय होने पर एक लाख रुपये वन विभाग द्वारा अपने बजट से राजस्व विभाग को उपलब्ध करवाई जाएगी।