मलिका-ए-गजल के नाम से मशहूर गायिका बेगम अख्तर की 111वीं जयंती मंगलवार को मनाई गई।
लखनऊ। मलिका-ए-गजल के नाम से मशहूर गायिका बेगम अख्तर की 111वीं जयंती मंगलवार को मनाई गई। कैसरबाग स्थित लखनऊ बायोस्कोप की ओर से ‘मलिका-ए-गजल’ के नाम से पांचवीं प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया। मुख्य अतिथि माधवी कुकरेजा ने बताया कि यह आयोजन गजलों की रानी बेगम अख्तर की गहरी सांस्कृतिक और संगीत विरासत को समर्पित है। लखनऊ के केंद्र में स्थित यह प्रदर्शनी दुर्लभ वस्तुओं, दिलचस्प कहानियों और ऑडियो-विज़ुअल प्रस्तुतियों के माध्यम से संगीत प्रेमियों, शोधार्थियों और आम लोगों को बेगम अख्तर के जीवन से जोड़ती है।
माधवी कुकरेजा ने बताया कि संग्रहालय में रखी गई कुछ अहम वस्तुओं में बेगम अख्तर के नाम पर जारी किया गया सिक्का, उनके नाम से जारी किए गए डाक टिकट, उनके कार्यक्रमों से जुड़ी अखबार की कतरनें, विनायल डिस्क, पुराने फिल्मी पोस्टर और तस्वीरें शामिल हैं। बेगम अख्तर की जयंती पर ''जिक्र उस परिवश का'' नामक फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया जिसका निर्देशन निर्मल चंदर ने किया है। आयशा खातून ने फिल्म का परिचय दिया।
बेगम की मजार पर गूंजे किस्से, बातें और यादें
लखनऊ बायोस्कोप की ओर से ठाकुरगंज के पासनदबाग में स्थित बेगम अख्तर की मजार पर भी आयोजन किया गया। इस दौरान किस्से, बातें और यादें नामक कार्यक्रम का संचालन नीरजा काठुरिया ने किया। उन्होंने बेगम अख़्तर की असाधारण गायकी और उनके जीवन के बारे में बताया। उन्होंने इस स्थल के निर्माण में लगी मेहनत और सलीम किदवई के योगदान का भी उल्लेख किया। इस दौरान सैदा अहमद, रेहाना अली, सदफ हुसैन, ईशान शर्मा और अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।
मलिका-ए-गजल के नाम से मशहूर गायिका बेगम अख्तर की 111वीं जयंती मंगलवार को मनाई गई।
मलिका-ए-गजल के नाम से मशहूर गायिका बेगम अख्तर की 111वीं जयंती मंगलवार को मनाई गई।