सलाम है उस बच्ची की हिम्मत को, जो असहनीय पीड़ा के बावजूद अपने बेहतर भविष्य को लेकर उधेड़बुन है। सामूहिक दुष्कर्म का शिकार बीए की छात्रा का एक बैकपेपर नौ अक्तूबर को है।
बदमाशों ने .315 बोर के तमंचे से छात्रा की नाक पर गोली मारी थी। उसकी नाक बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। उसके चेहरे पर 21 छर्रे मिले हैं। इसके बावजूद उसकी हिम्मत नहीं टूटी है।
उसके पिता ने बताया कि यह सच है कि दरिंदों ने बेटी की जान लेने की भरपूर कोशिश की, इसके बावजूद वह उस खतरे से बाहर निकल आई है।
होश में आते ही उसका पहला सवाल यही था कि मैं नौ को ठीक तो हो जाऊंगी। दरिंदों ने मेरी साल भर की मेहनत खराब कर दी। गौरतलब है कि मलिहाबाद के रहीमाबाद इलाके में बुधवार रात 19 वर्षीय बीए छात्रा को गोली मारने से पहले पांच बदमाशों ने उससे दरिंदगी की थी।
छात्रा के पिता ने गांव के ही पांच बदमाशों के खिलाफ तहरीर दी है। एएसपी ग्रामीण डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि केस दर्ज कर पांच में से तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।