लखनऊ। मकर संक्रांति का पर्व मंगलवार को मनाया जाना है। यह पुनर्वसु व पुष्य नक्षत्र में हो रहा है। ऐसे में गंगा स्नान अवश्य करना चाहिए। स्नान के पश्चात् सूर्य के दर्शन जरूर करें।
पद्मेश इंस्टीट्यूट ऑफ वैदिक साइंसेज के संस्थापक अध्यक्ष पंडित केए दुबे ने बताया कि मकर संक्रांति सुबह 8ः55 बजे शुरू होगी। स्नान व दान के लिए उचित समय सुबह से दोपहर 3ः19 बजे तक का है।
उन्होंने बताया कि मकर संक्रांति के साथ ही खरमास समाप्त हो जाता है। सूर्य उत्तरायण में तथा शिशिर ऋतु प्रारंभ हो जाती है। इस दौरान 14 वस्तुएं दान करें और भगवान को खिचड़ी अर्पित करें। राशियों के अनुसार भी दान विशेष फलदायी होता है।
राशियों के अनुसार करें दान
मेष राशि वाले 14 काले तिल के लड्डू खिचड़ी, घी व ऊनी वस्त्र, वृष राशि के 14 श्वेत तिल के लड्डू दूध की बनी मिठाई, फल एवं वस्त्र, खिचड़ी, मिथुन वाले 14 काले तिल के लड्डू, 14 फल, 14 वस्त्र, कर्क राशि काले तिल के 14 लड्डू, 14 किलो खिचड़ी, सिंह राशि वाले काले तिल के 14 लड्डू, घृत, वस्त्र, छाता, कन्या राशि के लोग काले तिल का पदार्थ एवं खिचड़ी, तुला वाले काले तिल के 14 लड्डू, खिचड़ी एवं 14 वस्त्र, वृश्चिक वाले तिल के लड्डू या गजक, खिचड़ी, घी, पापड़, नमक, धनु वाले तिल के पदार्थ, स्टील के बर्तन तथा खिचड़ी, मकर वाले तिल के पदार्थ, खिचड़ी, घृत एवं वस्त्र, कुंभ वाले तिल के 14 लड्डू तथा खिचड़ी, मीन वाले तिल के पदार्थ, खिचड़ी, घी एवं 14 शिक्षण वस्तुएं दान करें।