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आजम खान को बड़ा झटका: ईडी ने जौहर यूनिवर्सिटी की 426.46 करोड़ की संपत्ति की अटैच, बाजार कीमत 1170 करोड़

Wed, 28 Oct 2026 05:24 PM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ

सार

प्रवर्तन निदेशालय ने रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी की 426.46 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की हैं। इनकी बाजार कीमत करीब 1170 करोड़ रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई आजम खान और जौहर ट्रस्ट के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत हुई है। मामले में आगे की जांच जारी है।
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आजम खां - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लखनऊ जोनल कार्यालय ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की जमीन और भवनों को बुधवार को जब्त कर लिया। यह कार्रवाई 'धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002' (पीएमएलए) के तहत की गई है। जब्त संपत्तियों की मौजूदा बाजार कीमत करीब 1170 करोड़ रुपये है। इन भवनों के निर्माण में 426.46 करोड़ रुपये व्यय हुए थे, जिसमें से अधिकांश रकम सरकारी थी। ईडी ने करीब सात साल तक चली जांच के बाद कार्रवाई की है।

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बता दें कि यह मामला सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे मोहम्मद आजम खां और उनके परिजनों की मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़ा है। आजम खां ने ही इस ट्रस्ट की स्थापना की थी और वह विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी हैं। ईडी ने अपनी जांच रामपुर के अजीम नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज 26 प्राथमिकियों के आधार पर शुरू की थी। इनमें विश्वविद्यालय के लिए किसानों की कृषि भूमि पर जबरदस्ती कब्जे का आरोप था। 

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रामपुर जिला प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, आजम खां ने गांव सिंघानखेड़ा में 'शत्रु संपत्ति' के 45 प्लॉटों पर भी अवैध कब्जा किया था, जो करीब 34 एकड़ भूमि थी। अभिरक्षक द्वारा पट्टा समझौता रद होने के बाद भी कब्जा जारी रहा। गृह मंत्रालय के 'शत्रु संपत्ति के अभिरक्षक' ने अब इस ज़मीन का कब्जा वापस ले लिया है।

जांच में पाया गया कि सार्वजनिक कार्यों के लिए आवंटित धन को विश्वविद्यालय की ओर डायवर्ट किया गया। विश्वविद्यालय के निजी परिसर में सरकारी काम कराए गए। जिन ठेकेदारों को सरकारी ठेके मिले, उनसे प्राप्त धनराशि को दान के रूप में ट्रस्ट को भेजा गया।

ठेकेदारों की भूमिका और संपत्ति का दुरुपयोग

ईडी ने तमाम पुख्ता सुबूत जुटाने के बाद हाल ही में जौहर ट्रस्ट के पदाधिकारियों के ठिकानों पर छापे मारे थे। इस दौरान अजीमनगर थाने में आजम खां और ट्रस्ट के खिलाफ एक और प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वहीं रामपुर शहर में 2016 में कई घरों को बुलडोज़र से गिराने का भी आजम खां पर आरोप है। यह भी पता चला कि आजम के निर्देश पर लोगों के साथ मारपीट हुई और उनसे नकदी व गहने लूटे गए। तोड़े गए घरों का मलबा और नगर पालिका की सफाई मशीनरी विश्वविद्यालय परिसर में ले जाई गई।
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दो-तीन भवनों को छोड़ बाकी जब्त

बता दें कि ईडी की कार्रवाई की जद में जौहर विश्वविद्यालय के करीब 38 भवन आए हैं। अब ट्रस्ट के पास केवल दो-तीन भवनों का स्वामित्व ही बचा है। दरअसल, इन भवनों को सरकारी रकम से बनवाया गया था। इसका खुलासा आयकर विभाग की जांच में हुआ था। जौहर ट्रस्ट ने विश्वविद्यालय के भवनों के निर्माण में 45 करोड़ रुपये खर्च होने का दावा किया था, जबकि आयकर विभाग द्वारा मूल्यांकन कराने पर इनकी कीमत करीब 494 करोड़ रुपये पाई गई थी।
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