प्रस्ताव के मुताबिक केवीआर के कार्यकारी समिति (एग्जीक्यूटिव बॉडी) के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे, जबकि प्रमुख सचिव आवास इसके मुख्य कार्यकारी आधिकारी (सीईओ) होंगे। जबकि वाराणसी के मंडलायुक्त सदस्य सचिव और विंध्याचल के कमिश्नर सदस्य होंगे। इसके अलवा इसमें हर क्षेत्र के विशेषज्ञों को भी सदस्य नामित किया जाएगा।
केवीआर ही देगा मास्टर प्लान को मंजूरी
केवीआर के जरिए ही संबंधित सभी सात जिलों के सुनियोजित विकास का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। इसकी मंजूरी भी केवीआर के स्तर से ही दी जाएगी। अब इसके लिए शासन से मंजूरी की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक-दो दिन के भीतर ही केवीआर के गठन की अधिसूचना जारी की जाएगी।