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यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: पूर्वी यूपी के सात जिलों को मिलाकर गठित होगा काशी-विंध्य क्षेत्र, ये जिले शामिल

Mon, 22 Dec 2025 09:54 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

UP Cabinet decision: यूपी कैबिनेट ने पूर्वांचल के विकास के लिए सात जिलों को मिलाकर काशी-विंध्य क्षेत्र बनाने की घोषणा की है। 
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योगी कैबिनेट की बैठक में फैसला। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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 राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) की तर्ज पर सरकार ने काशी-विंध्य क्षेत्र (केवीआर) का गठन करने का फैसला किया है। इसमें वाराणसी और विंध्याचल मंडल के सात जिले वाराणसी, जौनपुर, चंदौली, गाजीपुर, मिर्जापुर, भदोही और सोनभद्र शामिल होंगे। सभी संबधित जिलों को एक आर्थिक गतिविधियों के जोन के तौर पर विकसित किया जाएगा। केवीआर के गठन को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।

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प्रस्ताव के मुताबिक केवीआर के गठन से पूर्वांचल के इन सात प्रमुख जिलों के विकास में तेजी आएगी। इसके गठन के बाद काशी-विंध्य क्षेत्र में आने वाले जिलतों में गुणवत्ता पूर्ण नागरिकों को सुविधाएं दी जाएंगी। इससे क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा और सुनियोजित विकास के साथ रोजगार का रास्ता खुलेगा। काशी-विंध्य क्षेत्र की मौजूदा आबादी दो करोड़ के आसपास बताई जा रही है।

 इसके विकास से सरकार पर कोई भार नहीं आएगा। काशी विंध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण का दायरा 23815 वर्ग किलोमीटर होगा। वाराणसी का क्षेत्रफल 1535 वर्ग किलोमीटर है, जौनपुर 4038, चंदौली 2541, गाजीपुर 3377, मिर्जापुर 4521, भदोही 1015 और सोनभद्र 6788 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल है। इन सात जिलों में सर्वाधिक क्षेत्रफल सोनभद्र का है, जबकि सबसे कम चंदौली है। नीति आयोग ने काशी और विंध्य क्षेत्र के सतत विकास के लिए अपने सुझाव सरकार को दिए हैं।

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सीएम होंगे अध्यक्ष, प्रमुख सचिव सीईओ

प्रस्ताव के मुताबिक केवीआर के कार्यकारी समिति (एग्जीक्यूटिव बॉडी) के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे, जबकि प्रमुख सचिव आवास इसके मुख्य कार्यकारी आधिकारी (सीईओ) होंगे। जबकि वाराणसी के मंडलायुक्त सदस्य सचिव और विंध्याचल के कमिश्नर सदस्य होंगे। इसके अलवा इसमें हर क्षेत्र के विशेषज्ञों को भी सदस्य नामित किया जाएगा।

केवीआर ही देगा मास्टर प्लान को मंजूरी
केवीआर के जरिए ही संबंधित सभी सात जिलों के सुनियोजित विकास का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। इसकी मंजूरी भी केवीआर के स्तर से ही दी जाएगी। अब इसके लिए शासन से मंजूरी की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक-दो दिन के भीतर ही केवीआर के गठन की अधिसूचना जारी की जाएगी।
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