मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
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सीएम ने कहा कि आलोक की तस्वीरें सपा के नेताओं के साथ हैं। हमने आलोक को बर्खास्त किया था। उन्होंने कहा कि हमारे पास सबूत है कि मनोज यादव राजीव यादव और मुकेश यादव कोडीन कफ सिरप के अवैध डायवर्जन में शामिल हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की छटपटाहट समझ सकता हूं। जब हमारी सरकार की कार्यवाही अंत तक पहुंचेगी तब तक समाजवादी वाले वहां फातिहा पढ़ने जायेंगे, लेकिन मैं आपको फातिहा पढ़ने लायक भी नहीं छोडूंगा। उन्होंने कहा कि एफएसडीए विभाग ने 1000 से अधिक कफ सिरप के नमूनों की जांच की है। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में वाराणसी में सैली ट्रेडर फार्मा के शुभम जायसवाल, भोला जायसवाल और आकाश पाठक, सहारनपुर के एबार्ट हेल्थ केयर के विभोर राणा, गाजियाबाद में सौरभ त्यागी, अभिषेक शर्मा, विशाल उपाध्याय, तपन यादव और शादाब के अलावा लखनऊ के मनोहर जायसवाल और बायो हब के इमरान इस प्रकरण के मुख्य किंग पन हैं। उन्होंने कफ सिरफ प्रकरण में के समाजवादी पार्टी के लोगों की संलिप्ता का खुलासा किया और कहा कि प्रदेश अच्छे से जानता है कि माफिया के संबंध किससे हैं?
सीएम ने कहा कि कोडिन कफ सिरप के होलसेलर को एसटीएफ ने पकड़ा था। उसे 2016 में सपा सरकार ने लाइसेंस दिया था। यूपी में कोडिन कफ सिरप के केवल स्टाकिस्ट व होलसेलर हैं। इसका यहां प्रोडक्शन नहीं होता। इसका प्रोडक्शन मध्य प्रदेश, हिमाचल व अन्य राज्यों में होता है। मौत के जो प्रकरण आए हैं, वह भी अन्य राज्यों के हैं। ऐसे प्रकरण तमिलनाडु में बने सिरप के कारण आए हैं। यह पूरा प्रकरण इललीगल डायवर्जन का है। इसके माध्यम से होलसेलर (सहारनपुर, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी) ने इसे उन देशों व राज्यों में पहुंचाया है, जहां मद्य निषेध है। वहां नशे के आदी लोगों को इसे लेने की आदत है। वहां इसका दुरुपयोग किया गया है। यह सिरप चिकित्सकीय परामर्श से दिया जाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार की कार्रवाई की जानकारी भी सदन में रखी। मुख्यमंत्री ने कहा अब तक 332 फर्मों पर छापेमारी की कार्रवाई हुई है। 136 पर रिपोर्ट दर्ज हुई है, जिनमें 225 अभियुक्त नामज़द हैं। 78 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
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सीएम ने नेता प्रतिपक्ष की चुटकी ली। बोले कि इस उम्र में व्यक्ति सच बोलने का आदी होता है, लेकिन समाजवादी इस उम्र में भी उनसे झूठ बोलवा देते हैं। समाजवादियों को ऐसा नहीं करना चाहिए और उन्हें भी सच बोलने का आदी होना चाहिए। उन्होंने लंबे समय तक स्पीकर के रूप में सदन को आगे बढ़ाया है।
वन डिस्ट्रिक, वन माफिया का राज
विधानसभा में कोडिन कफ सिरप पर चर्चा के दौरान सपा विधायक ने क हा कि इन दिनों वन डिस्ट्रिक, वन माफिया का राज चल रहा है। अमित टाटा के पूर्व सांसद से संबंध है। इसकी जांच कराई जाए। सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने पूरे प्रकरण में सीबीआई जांच की मांग की। सपा विधायक लकी यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मिले सबूत से साबित हो गया है। जौनपुर का नाम जहरीला पदार्थ से जुड़ गया है। यह मानवता का शर्मशार करता है।