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'सर्जिकल स्ट्राइक' पर मौलना मदनी बोले, 'मुल्क की हिफाजत के लिए हम एक साथ'

Thu, 29 Sep 2016 10:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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महमूद असद मदनी - फोटो : amar ujala
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भारतीय सेना द्वारा पाक में घुसकर की गई सर्जिकल स्ट्राइक पर जमीयत उलेमा हिंद के महासचिव मौलाना महमूद असद मदनी ने इस कदम का स्वागत किया है और कहा कि मुल्क की हिफाजत के लिए उठाए जाने वाले हर कदम पर हम साथ हैं।
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वहीं, समाज में नफरत कम करने के मकसद से गुरुवार को दलित और मुसलमान एक साथ बैठे। जज्बात साझा किया और एक थाल में भोजन कर एकता व भाईचारे का संदेश दिया।

दोनों समुदाय ने समाज से इस पैगाम को दूर तक ले जाने की उम्मीद जताई। उलेमा ने भी साफ किया कि दिलों को जोड़ने की यह मुहिम सियासी नहीं है।

कैसरबाग स्थित बारादरी में जमीयत उलेमा उप्र और नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ दलित आदिवासी के संयुक्त आयोजन में दलित और मुस्लिम समाज केलोग साझा भोज के लिए एकत्र हुए थे। दलित मुस्लिम एकता के इस कार्यक्रम को मिशन का रूप देने पर सहमति बनी।

'हमारी लड़ाई किसी एक जाति या धर्म से नहीं'

मौलाना महमूद असद मदनी ने इस कार्यक्रम को पूरी तरह सामाजिक बताया। उन्होंने कहा, हम दिलों को जोड़ने की बात करने आए हैं जबकि राजनीति इंसानों को बांटने का नाम है।

हमारी लड़ाई किसी एक धर्म या जाति से नहीं है, जुल्म करने वाला हर शख्स हमारा दुश्मन है। जुल्म ढाने वाले हिंदू व मुस्लिम दोनों समाज में हैं।

कहा कि तमाम मुश्किलों के बावजूद भारत के मुसलमान बेहतर स्थिति में हैं। हर कमजोर की मदद करना मुसलमानों की जिम्मेदारी है। हमें आदिवासियों की आवाज भी बुलंद करनी होगी।

दलित आदिवासी संगठन के चेयरमैन अशोक भारती ने सरकार और न्यायपालिका को निशाने पर रखा। बोले, दलित व मुसलमानों पर हो रहे हमलों पर सरकारें चुप हैं। यहां तक कि छोटे-छोटे मुद्दों पर स्वत: संज्ञान लेकर मुकदमा चलाने वाली न्यायपालिका मुजफ्फरनगर व दादरी जैसे कांड पर चुप्पी साधे रही।

मुसलमानों व दलितों से एक मंच पर आने का आह्वान

बीते 25 वर्षों में देश में दलित अत्याचार के 10 लाख मामले सामने आ चुके हैं। अंबेडकर महासभा के अध्यक्ष डॉ. निर्मल ने मुसलमानों और दलितों को एक मंच पर आने का आह्वान किया।

कार्यक्रम को मरकज के अध्यक्ष मौलाना हयात उल्लाह कासमी, मौलाना आकिल, रामब्रज, रामकुमार, अरुण गौतम, सुबोध बौद्ध व मोहम्मद जहूर ने भी संबोधित किया।

मदरसों में भी होंगे साझा भोज
दलित और मुस्लिम महिलाओं की पंचायत के सुझाव पर मदनी ने मदरसों में विचारों केआदान-प्रदान केलिए साझा भोज आयोजित करने की घोषणा की।

इस पर दुबग्गा स्थित मदरसा जमीयतुल मोमिनात के प्रधानाचार्य मौलाना नजीबुल हसन सिद्दीकी ने अगले महीने महिलाओं की एक बड़ी पंचायत करने का एलान किया।

मदनी ने भाजपा व सपा पर साधा निशाना

जमीयत उलेमा हिंद के महासचिव मौलाना महमूद असद मदनी ने कहा कि केंद्र सरकार में बैठी भाजपा के सहयोगी संगठनों ने देश में दहशत का माहौल बना दिया है। मुसलमानों और दलितों पर हमले बढ़ रहे हैं लेकिन सरकार मौन है।

दलित मुस्लिम एकता भोज कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, समाज में नफरत का जहर घोलने वाली ताकतों का मुकाबला दलित और मुसलमानों को मिलकर करना होगा।

आज सभी काम सियासी फायदे के लिए हो रहे हैं लेकिन हमारी मुहिम राजनीतिक नहीं है। हमारा किसी भी पार्टी को न तो समर्थन है और न विरोध। अवाम को तय करना है कि सत्ता की बागडोर किसे सौंपनी है।

उन्होंने बगैर नाम लिए सपा पर भी हमला बोला। कहा, तुम कहते कुछ हो और करते कुछ हो। डराकर हमारा वोट हासिल करते हो, हमारा सियासी इस्तेमाल बंद करो।
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'मोदी अगर मुसलमानों के बारे में सोच रहे हैं तो ये अच्छी बात'

एक सवाल के जवाब में कहा, अगर प्रधानमंत्री मुसलमानों के बारे में सोच रहे हैं तो यह अच्छा कदम है लेकिन नीयत साफ होनी चाहिए।

उन्होंने जाति के आधार पर मुसलमानों के अधिकार लेने में सहमति जताई। कहा, इस्लाम में जातिवाद नहीं है लेकिन मुस्लिम समाज में जातियां पाई जाती हैं।

जाति की बुनियाद पर उनका काफी नुकसान हो चुका है। लेकिन इस आधार पर यदि अधिकार मिल सकते हैं तो कोई हर्ज नहीं है।
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