हथिनी एक्सप्रेस वे पर चला गया था।
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आगरा एक्सप्रेस-वे पर हथिनी अनारकली के पहुंचने के मामले में महावत रामकिशन को सीजेएम कोर्ट से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उस पर वन्यजीव अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। वह 11 अगस्त तक हिरासत में रहेगा। वहीं, हथिनी की उन्नाव में देखरेख में रखी जाएगी।
शुक्रवार को अनारकली आगरा एक्सप्रेस-वे पर उस वक्त आ गई थी, जब उसका महावत होटल पर खाना खा रहा था। हथिनी चार किमी दूर तक चली गई थी। एक्सप्रेस-वे से गुजर रहे लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो डाला तो वन विभाग के अधिकारी पहुंचे। डीएफओ रवि कुमार सिंह ने महावत से लाइसेंस मांगा, जो उसके पास नहीं था। वहीं, हथिनी को उन्नाव से लखनऊ लाने के लिए भी अनुमति नहीं ली गई थी।
सीजेएम रवि कुमार गुप्ता ने रामकिशन को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वहीं, अनारकली को उन्नाव निवासी दूसरे महावत देशराज को सौंपा गया है। उसने लिखित शपथपत्र दिया कि वह हथिनी की देखरेख करेगा। रामकिशन का कहना है कि लाइसेंस के लिए उन्नाव में आवेदन किया था। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हथिनी करुणाशंकर अवस्थी की है, जिनका बेटा अमन कोर्ट पहुंचा था। वैध कागज न होने से कार्रवाई की गई है।
भूखे रहना पड़ा अनारकली को
आगरा एक्सप्रेस-वे पर टहलते हुए पकड़ी गई हथिनी को वन रेंज दुबग्गा में रखा गया। हालांकि, यहां उसके भोजन का इंतजाम नहीं था। अनारकली के साथ रुके महावत देशराज ने बताया कि बारिश के बीच हथिनी को खुले में रहना पड़ा। वह अनारकली को रोजाना पांच किलो आटे की रोटियां और हरी घास देता था। यहां सूखी घास व पत्ते मिलने से हथिनी को भूखे रहना पड़ा। हालांकि, विभाग ने दो कर्मचारियों को अनारकली की देखरेख के लिए लगाया है।