संपत्ति और महंती के विवाद को लेकर अयोध्या के एक महंत का अपहरण किए जाने की सूचना गलत निकली। लापता महंत गोंडा जनपद के कटरा बाजार में एक निजी अस्पताल में इलाज करवाते मिले। पुलिस के अनुसार महंत बुजुर्ग हैं और उन्हें पैरालाइसिस का अटैक आया था, इसलिए उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अपहरण की फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराने वाले महंत के शिष्य पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार सुबह अयोध्या कोतवाली पुलिस ने महंत के शिष्य की तहरीर पर 5 लोगों पर अपहरण का केस दर्ज किया था।
अयोध्या कोतवाली के नयाघाट चौकी क्षेत्र में स्थित साकेत भवन के 80 वर्षीय महंत दयानंद दास बीते सोमवार की रात मंदिर से अचानक गायब हो गए। मंगलवार सुबह महंत के शिष्य सीताराम दास ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि मंदिर की संपत्ति व महंती को लेकर उनके गुरु दयानंद दास व अयोध्या निवासी रामदास से पिछले 8 सालों से विवाद चला आ रहा है। इसको लेकर न्यायालय में मुकदमा भी चल रहा है।
अपनी तहरीर में उसने आरोप लगाया था कि बीते सोमवार की रात करीब 1:30 बजे रामदास अपने 4 साथियों के साथ महंत को मंदिर से उठा ले गया। उसने आरोपियों में रामदास समेत महंत के पैतृक ग्राम कुर्रा थाना विहटा पटना बिहार निवासी सुरेश सिंह व आत्माराम पांडेय, महेंद्र तिवारी निवासी अयोध्या समेत दो अज्ञात लोगों को शामिल बताया था। पुलिस ने इन सभी पर अपहरण का केस भी दर्ज किया था।
अपहरण की सूचना पर अयोध्या पुलिस ने महंत की तलाश शुरू कर दी थी, इस बीच उन्हें सूचना मिली कि महंत गोंडा जनपद के कटरा बाजार के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस को महंत दयानंद दास ने बताया कि उनका अपहरण नहीं हुआ है बल्कि वो बीमार हैं, इसलिए उनके इलाज के लिए रामदास आदि ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया है।
नगर कोतवाल अरविंद पांडेय ने बताया कि अपहरण की सूचना फर्जी थी, महंत को इलाज के लिए रामदास अस्पताल ले गए हैं। कहा कि अपहरण की सूचना देने वाले सीताराम दास पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।