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महंत ज्ञानदास का ऑफर, 'रामलला से मुकदमा हटाओ मस्जिद दान में देंगे'

Tue, 06 Sep 2016 10:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अयोध्या
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महंत ज्ञानदास - फोटो : amar ujala
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हनुमानगढ़ी के महंत ज्ञानदास ने कहा है कि बाबरी मस्जिद के पक्षकार हाजी महबूब यदि रामलला से मुकदमा हटाकर निर्मोही अखाड़े के पक्ष में बयान दे दें तो वह अड़गड़ा की शाही मस्जिद मुस्लिम समाज को तोहफे में दे देंगे।
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महंत ज्ञानदास की यह प्रतिक्रिया शाही मस्जिद की मरम्मत कराने को लेकर हाजी महबूब के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि महंत ज्ञानदास मुसलिम समाज के हितैसी हैं तो वह अड़गड़ा की शाही मसजिद वाली भूमि दान कर दें।

हाजी ने यह भी कहा था कि महंत सस्ती लोकप्रियता के लिए मस्जिद की मरम्मत के लिए सहायता की बात कर रहे हैं और ये बाते अपने फायदे के लिए कर रहे हैं। यही नहीं उन्होंने कहा था कि यदि वे कुछ करना चाहते हैं तो हदिया (तोहफा) के तौर पर हमें मस्जिद दान दे दें।
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महंत ने ये कही बातें

अमर उजाला से बातचीत में महंत ज्ञानदास ने कहा कि बाबरी मस्जिद के मुख्य मुद्दई मरहूम मो. हाशिम अंसारी थे, उनके इंतकाल के बाद अब उनके पुत्र मो. इकबाल अंसारी मुख्य मुद्दई हैं।

महबूब के पिता निर्मोही अखाड़े से राम जन्मभूमि से रामलला की मूर्ति हटाने का मुकदमा लड़ रहे थे। अब महबूब उनके कायम मुकाम हैं। उनका यह कहना सही नहीं है कि वह बाबरी मस्जिद के मुख्य मुद्दई हैं।

कहा कि हनुमानगढ़ी सागरिया पट्टी के संतों ने मुस्लिम संत शाह इब्राहिम शाह की याद में इब्राहिम शाह भवन का निर्माण कराया था। शाह मस्जिद (भवन) संतों के पैसे से बनवाया गया तब शरीयत आड़े नहीं आई।

कहा कि यदि महबूब रामलला से मुकदमा हटाकर निर्मोही अखाड़े के पक्ष में बयान दे दें तो वह हनुमानगढ़ी सागरिया पट्टी की पंचायती व्यवस्था के स्वामित्व वाली शाही मस्जिद मुस्लिम समाज को गिफ्ट कर देंगे।
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मरम्मत के विरोध पर नाराजगी भी

दूसरी तरफ कुछ मौलाना व मुफ्तियों ने रविवार को बैठक कर शाही मस्जिद के मरम्मत कार्य पर विरोध दर्ज कराए जाने पर सोमवार को बाबरी मस्जिद के मुद्दई मरहूम मो. हाशिम अंसारी के आवास पर मुस्लिमों ने खासी नाराजगी जताई।

मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष सादिक अली, मरहूम हाशिम के पुत्र मो. इकबाल अंसारी, शोएब खान, मो. इकबाल, निहाल कुरैशी, मो. रईस, अब्दुल वाहिद कुरैशी, मो. इस्लाम, सद्दाम हुसैन ने पत्रकारों से बातचीत में महंत ज्ञानदास को हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक बताते हुए हाजी महबूब पर समाज को तोड़ने का आरोप लगाया।

कहा कि मस्जिद का नाम शाह आलम सन्नानी शाही मस्जिद है और इसका शाह आलम सन्नानी ने निर्माण कराया था। कहा कि मुस्लिम समाज के पैसे से ही उस मस्जिद की मरम्मत कराई जा रही है। ज्ञानदास ने तो हम लोगों को आगे करके निर्माण कराने की बात कही थी। कहा कि कुछ लोग झगड़े को बढ़ाकर कौम का नुकसान करते हैं।
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