अयोध्या की हनुमानगढ़ी से जुड़े शीर्ष महंत ज्ञानदास ने राम मंदिर के लिए बनाए जा रहे न्यास पर कहा कि लोगों को संभावित शासकीय न्यास पर कोई दबाव नहीं डालना चाहिए। जिससे न्यास दबाव मुक्त होकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सके।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में एक भव्य राममंदिर बने यही सबकी इच्छा है। उन्होंने अयोध्या मामले में फैसला आने पर सभी पक्षों द्वारा दिखाए गए सौहार्द का स्वागत किया है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या ने एक बार फिर मिशाल पेश की है। उन्होंने कहा कि विवादित लोगों को न्यास में शामिल नहीं होना चाहिए।