विश्व हिंदू परिषद ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोर्ट के फैसले से मंदिर निर्माण को बल मिलेगा। अब मुस्लिम समर्थकों को मस्जिद निर्माण की जिद छोड़ देनी चाहिए।
श्रीराम जन्मभूमि न्यास अध्यक्ष और मणिराम दास छावनी महंत नृत्य गोपाल दास महाराज ने कहा मंदिर निर्माण होकर रहेगा। यह धीरे-धीरे मजबूत होता जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय में मंदिर निर्माण का अक्स दिखने लगा है। विरोधियों को अब स्वत: इस विवाद से हटकर मंदिर निर्माण में सहयोगी बन जाना चाहिए।
श्रीराम जन्मभूमि न्यास सदस्य महंत सुरेश दास ने कहा, नमाज इस्लाम का हिस्सा है पर मस्जिद का नहीं, जबकि देवी-देवताओं की मूर्तियां मंदिर का अटूट हिस्सा हैं। जिसे अब मुसलमानों को स्वीकार कर लेना चाहिए।
मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास महाराज ने कहा सुप्रीम कोर्ट का निर्णय मंदिर निर्माण के मार्ग को बल प्रदान करेगा। हिंदुओं की आस्था को खंडित करने का जो प्रयास लगातार चला आ रहा है। ये फैसला उसे कुंद कर देगा।
विहिप के केंद्रीय सलाहकार सदस्य पुरूषोत्तम नारायण सिंह ने कहा कि जब नमाज कहीं भी पढ़ी जा सकती है तो श्रीराम जन्मभूमि को विवादास्पद बनाना ठीक नहीं है।
सनकादिक आश्रम पीठाधीश्वर संत समिति अध्यक्ष महंत कन्हैया दास ने कहा यह फैसला लकीर पीटने वालों के लिए विचारणीय है। हिन्दुओं को मंदिर निर्माण करने से कोई रोक नहीं सकता।