मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों पर संविधान का गला घोंटने का आरोप लगाया। कहा, बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संविधान में स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व का संदेश दिया। लेकिन कांग्रेस ने इमरजेंसी लगाकर संविधान का गला घोंटने का काम किया था। पूरे देश ने इसका एकजुट होकर प्रतिकार किया। पूर्व में सत्ता में रहीं पार्टियों ने जिस तरह बाबा साहब के खिलाफ गलत टिप्पणियां कीं और संविधान को कुचला, वे अपने किए की सजा भुगत रही हैं। भाजपा सरकार ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों को ग्राम पंचायत की जमीनों पर कब्जा देकर उनका हक दिलाया है।
योगी ने कहा कि आजादी के बाद बाबा साहब को जो सम्मान मिलना चाहिए था वह पिछली सरकारों ने नहीं दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा साहब की भावनाओं के अनुरूप समाज के प्रत्येक तबकों तक सभी योजनाओं को पहुंचाने का काम किया। वहीं, सपा सरकार में अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य गरीबों को उनकी जमीनों से बेदखल किया गया। हमारी सरकार ने आते ही कहा था कि ग्रामपंचायत की जमीन पर जिसका मकान बना है उस पर उसको कब्जा दिलाएंगे। घरौनी के माध्यम से हर उस व्यक्ति को जिसने जहां पर मकान या झोपड़ी रख ली है, उसे वहीं पर कब्जा दिया जा रहा है। सपा ने गरीब बच्चों की स्कालरशिप को बंद कर दिया था। भाजपा सरकार ने इसे शुरू किया।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने डॉ. आंबेडकर महासभा परिसर में स्थापित तथागत बुद्ध की प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा डॉ. आंबेडकर के अस्थि कलश पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस मौके पर श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, विधायी एवं न्याय मंत्री बृजेश पाठक ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव सूचना एवं एमएसएमई नवनीत सहगल, सूचना निदेशक शिशिर, बाबा साहब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय सिंह, अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध भिक्षु संस्थान के अध्यक्ष भंते शांति मित्र सहित अन्य लोग मौजूद थे।
इस मौके पर डॉ. भीमराव आंबेडकर महासभा ट्रस्ट के अध्यक्ष लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि सपा का दलित प्रेम एक धोखा है। सपा ने जिस तरह से दलित महापुरुषों के नाम पर बने जिलों के नाम बदलने का काम किया है वह दलित वर्ग के खिलाफ साजिश है। सपा के इन कृत्यों से उनका दलित हितैषी होने का दावा दलित वर्ग के गले नहीं उतर रहा है।