महाकुंभ में दुनियाभर से लोग अपने-अपने संसाधनों से पहुंचे। 700 निजी विमान, 2800 फ्लाइट्स और ट्रेन से 15 करोड़ लोग महाकुंभ पहुंचे। तमाम श्रद्धालु अपने संसाधनों से भी महाकुंभ पहुंचे। इससे श्रद्धालुओं का आंकड़ा 66.30 करोड़ तक पहुंच गया। कुशल भीड़ प्रबंधन का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रयागराज शहर की आबादी महज 15 लाख और प्रयागराज जिले की आबादी लगभग 60 लाख है। जबकि महाकुंभ के 45 दिनों में रोजाना मेलाक्षेत्र पहुंचने वालों की संख्या औसतन डेढ़ करोड़ रही। यानी महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में हर दिन शहर की आबादी से औसतन 10 गुना अधिक लोग रहे। फिर भी, कहीं अराजकता व अव्यवस्था नहीं दिखी। इसलिए महाकुंभ 2025 भीड़ प्रबंधन के लिहाज से दुनिया के लिए पाठशाला बन गया।