अधीक्षण अभियंता संदीप पांडेय ने बताया कि स्मार्ट मीटर की खासियत यह है कि जो उपभोक्ता जितना लोड स्वीकृत कराएगा उतनी ही बत्ती जला पाएगा। अधिक लोड होते ही स्वत: मीटर से बत्ती गुल हो जाएगी। उपभोक्ता जब तक सिस्टम से विद्युत लोड को कम नहीं करेगा, बत्ती नहीं जलेगी।
होगी ऑटोमैटिक रीडिंग
स्मार्ट मीटर की रीडिंग लेने के लिए कर्मचारी को घर नहीं भेजना होगा। इसकी रीडिंग ऑटोमैटिक होगी, जिससे उपभोक्ता कोई हेराफेरी नहीं कर पाएंगे। स्मार्ट मीटर को प्रीपेड मीटर में तब्दील कराने की भी सुविधा मिलेगी।
नहीं कर पाएंगे बिजली चोरी
मध्यांचल निगम मीटर से पहले सर्विस केबल काट कर बिजली चोरी करने वालों पर भी शिकंजा कसेगा। इसके लिए स्टील वायर का इस्तेमाल होगा, जिससे बिजली चोरी नहीं हो पाएगी। केबल के ऊपर स्टील से कवर होगा जिसे काटना आसान नहीं होगा।