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सारा के कातिलों को सजा दिलाने में मदद करेगी मधुमिता की बहन

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पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की बहू सारा सिंह के कातिल को सजा दिलाने के लिए कवयित्री मधुमिता शुक्ला की बहन निधि शुक्ला आगे आ गईं हैं। शुक्रवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वह मधुमिता मेमोरियल ट्रस्ट से सारा के परिवारीजनों की मदद कराएंगी।
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निधि ने कहा कि सारा की मां सीमा सिंह से अभी उनकी मुलाकात या बातचीत नहीं हुई है, लेकिन सीमा सिंह उनसे संपर्क करेंगी तो हर संभव मदद की जाएगी। निधि ने कहा कि अमरमणि के खिलाफ उनके पास कई ऐसी जानकारियां हैं जो सारा के परिवारवालों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।

अगर इस प्रकरण की सीबीआई जांच होती है तो सारा के परिवारीजनों को उनकी मदद की जरूरत पड़ेगी। उन्होंने सीमा को कानूनी लड़ाई में साथ देने और सारा के कातिलों को कड़ी सजा दिलाने में सहयोग का आश्वासन दिया।
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निधि ने कहा कि मधुमिता हत्याकांड में पूर्व मंत्री अमरमणि और उसकी पत्नी मधुमणि को उम्रकैद होने के बाद उनका बेटा अमनमणि पूरा साम्राज्य संभाल रहा है। अमरमणि की सारी साजिशों को वही अंजाम दे रहा है। सारा की हत्या की साजिश भी अमरमणि ने रची और अमनमणि ने उसे अमलीजामा पहनाया।

अस्पताल में रची गई सारा की हत्‍या की साजिश

निधि ने पूर्व मंत्री अमरमणि से अपनी जान को खतरा जताया है। सारा को खत्म करने के बाद पूर्व मंत्री उसकी हत्या की साजिश रच रहे हैं। उसे अनजान नंबरों से फोन कर धमकियां दी जा रही हैं। कई बार स्थानीय पुलिस से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। पूर्व मंत्री के इशारे पर ही उसकी सुरक्षा कम कर दी गई है। उसके गनर से कार्बाइन और वर्दी छीन ली गई है। अब उसे पिस्टल दी गई है।

निधि ने कहा कि बड़ी बहन की हत्या के आरोप में जेल में बंद सुपारी किलर प्रकाश चंद्र पांडेय जमानत पर बाहर आ गया है और तीन-चार गुर्गों के साथ लखीमपुर में ही रह रहा है। प्रकाश चंद्र पांडेय को अमनमणि ने ही उसकी हत्या के लिए भेजा है। दो-तीन बार प्रकाश चंद्र पांडेय घर के पास आकर धमकी दे चुका है।

बीमारी का बहाना बना अस्पताल में भर्ती होने पर उठाए सवाल
निधि शुक्ला ने कहा कि पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी को मधुमिता हत्याकांड में भले उम्रकैद की सजा मिल गई हो, लेकिन सत्ताधारी पार्टी में अपने प्रभाव के बूते वह जेल से बाहर अस्पताल में ऐश कर रहा है। अमरमणि का भाई और बेटा सत्ताधारी दल की राजनीति कर रहे हैं। सारा की हत्या की साजिश भी उसने अस्पताल में रहकर ही रची।

निधि ने बताया कि कई बार उसने अमरमणि को अस्पताल से हटाकर उत्तराखंड जेल भेजने के लिए आईजी जेल सहित शासन के अफसरों को पत्र लिखा, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। सीबीआई ने पूर्व में अपनी एक याचिका में अमरमणि के यूपी में रहने पर निष्पक्ष जांच न हो पाने की आशंका जताई थी।

आईजी ने कहा कि अमरमणि यूपी की जेल में ही रहेगा

निधि ने बताया कि अमरमणि को उत्तराखंड जेल भेजने के लिए वहां के आईजी जेल को पत्र लिखा तो उन्होंने इसे यह कहकर खारिज कर दिया कि अमरमणि ने यूपी में क्राइम किया था। इसलिए उन्हें वहीं की जेल में रखा जाएगा।

निधि ने कहा कि बिहार के पप्पू यादव को तिहाड़ में शिफ्ट किया गया है क्योंकि उससे स्थानीय लोगों को खतरा है। इसी तरह अमरमणि से भी लोगों को खतरा है। अमरमणि और मधुमणि की बीमारी की जांच मेडिकल बोर्ड से कराने की मांग की है।

राज्यपाल के दया याचिका खारिज करने पर रंजिश मानता है अमरमणि
निधि शुक्ला ने कहा कि अमनमणि ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के राज्यपाल को दो बार दया याचिका दी थी। उसने आरटीआई के तहत दया याचिकाओं के बारे में जानकारी मांगी। उत्तर प्रदेश में राजभवन ने ऐसी किसी भी याचिका के दाखिल न होने की जानकारी दी।

उत्तराखंड के राजभवन में उसकी तरफ से याचिका दाखिल होने का पता चलने पर निधि ने अमनमणि की करतूत बताते हुए प्रबल विरोध किया। उत्तराखंड के राज्यपाल ने अमरमणि की दया याचिका खारिज कर दी। निधि ने कहा कि वह उसे इसलिए रास्ते से हटाना चाहता है जिससे उसके बरी होने की उम्मीद खत्म न हो।
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कौन थी मधुमिता, इस तरह हुई हत्या

मधुमिता और अमरमणि का केस एक समय यूपी का बहुचर्चित मामला था। कवियित्री मधुमिता और अमरमणि के बीच रिश्ते बने। मधुमिता दो बार अमरमणि के बच्चे की मां बनीं। दोनों बार उन्होंने अमरमणि के कहने का गर्भपात करवाया। जब तीसरी बार ऐसा हुआ तो मधुमिता ने ऐसा करने से मना कर दिया।

यह मामला साल 2003 का है। 9 मई को लखनऊ के पेपर मिल कालोनी में कवियत्री मधुमिता शुक्ला की हत्या कर दी गयी थी। जांच में यह बात सामने आई कि हत्या के वक्त मधुमिता छह माह की गर्भवती थी डीएनए टेस्ट से साबित भी हुआ था कि मधुमिता अमरमणि के ही बच्चे की मां बनने वाली थी।

उत्तराखंड में देहरादून की एक अदालत ने मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी समेत चार लोगों को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई थी।

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी इनकी सजा बरकरार रखी थी। इस समय अमरमणि और उनकी पत्नी मधुमणि जेल में बंद हैं। हाईकोर्ट में गुहार के बाद मधुमिता की बहन निधि को सुरक्षा दी गई थी।
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