पेंशन की जानकारी लेने विकास भवन पहुंचे बुजुर्ग।
लखनऊ। बैंक पासबुक और आधार कार्ड की कॉपी लेकर विकास भवन की दौड़ लगा रही निराश्रित महिलाओं और बुजुर्गों को न पेंशन मिल पा रही और न ही संतोषजनक जवाब। कोई चार माह से चक्कर लगा रहा तो किसी के खाते में दो वर्ष से पेंशन नहीं पहुंची। प्रोबेशन और समाज कल्याण विभाग के कार्यालयों में भटकते इन लाभार्थियों को सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है।
मंगलवार की दोपहर एक बजे विकास भवन के तीसरे तल पर प्रोबेशन विभाग के कार्यालय में काफी संख्या में निराश्रित महिलाएं पेंशन की जानकारी करने पहुंची थीं। इन सभी के खाते में अब तक पेंशन नहीं आई है। जिला प्रोबेशन अधिकारी सुधाकर ने बताया कि ज्यादातर लाभार्थियों की पेंशन जा चुकी है। कुछ की रह गई है, जो प्रक्रिया में है।
केस-1 : दूसरे खाते में चली गई पेंशन
शाहीन बानो ने बताया कि उन्हें दो वर्ष से पेंशन नहीं मिल रही है। अब विभाग बता रहा है कि उनकी पेंशन किसी दूसरे खाते में चली गई है, जबकि उन्होंने कोई दूसरा बैंक खाता दिया ही नहीं।
केस-2 : चार माह से लगा रहीं चक्कर
किश्वर जहां ने बताया कि वह चार माह से कार्यालय आ रही हैं। उनकी पेंशन अब तक खाते में नहीं आई है और वह कब तक आएगी, इस बात का भी कोई पता नहीं चल पा रहा है।
केस-3 : कई बार आने पर भी नहीं मिली राहत
गुड्डी ने बताया कि वह पेंशन की जानकारी के लिए कई बार कार्यालय के चक्कर काट चुकी हैं। इसके बावजूद उन्हें अब तक पेंशन नहीं मिल सकी है और वे इधर से उधर दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं।
छह माह से पेंशन की राह देख रहे रामभरोसे
लखनऊ में वृद्धावस्था पेंशन के 78 हजार से अधिक लाभार्थी हैं। अधिकांश लाभार्थी कई महीनों से पेंशन की राह देख रहे हैं। रोजाना 80 से 100 लाभार्थी पेंशन की जानकारी करने विकास भवन पहुंचते हैं। मंगलवार को विकास भवन पहुंचे रामभरोसे ने बताया कि उन्हें छह माह से पेंशन नहीं मिली है। कई बार बैंक भी जा चुके हैं। विकास भवन की दौड़ भी लगा चुके हैं। अब बजट न होने की बात कही जा रही है। मोहन और अर्जुन कुमार भी आधार और बैंक पासबुक की कॉपी लेकर पेंशन की जानकारी करने पहुंचे थे।
Iप्रक्रिया चल रही है। जिन पात्र लाभार्थियों की पेंशन रह गई है, जल्द ही खातों में पहुंच जाएगी।I
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- अंजनी कुमार सिंह, समाज कल्याण अधिकारीI