मदरसा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने कहा है कि मदरसों का सर्वे किसी भी प्रकार की जांच नहीं थी। कोई भी मदरसा फर्जी, नकली या अवैध नहीं है।
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सभी मदरसा प्रबंधन को भेजे गए संदेश में उन्होंने कहा है कि सरकारें समय-समय सर्वे कराती हैं और जो डाटा प्राप्त होता है उसके जरिये योजनाओं को बनाया जाता है। सर्वे की चर्चा इसलिए ज्यादा हो गई क्योंकि पूर्व की सरकारों का मदरसों की सुधार की दिशा में कोई कार्य नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि मदरसों का जो सर्वे हुआ है उसे सामान्य सर्वे समझा जाए, यह किसी भी प्रकार की जांच नहीं थी। मदरसा शिक्षा परिषद की संस्तुति पर प्रदेश में गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के सर्वे का ऐतिहासिक कार्य तमाम मदरसा संचालकों और प्रबंधकों के सहयोग से पूरा हुआ है। इसके लिए उनकी जितनी भी तारीफ की जाए कम होगी।