उत्तर प्रदेश के करीब 11 हजार ज्यादा मदरसों ने अपना विवरण वेब पोर्टल पर अपडेट नहीं किया है। जिससे इनकी मान्यता को लेकर संकट पैदा हो गया है।
शुक्रवार की अंतिम तिथि से पहले विवरण न देने वाले मदरसों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। मदरसा शिक्षा परिषद ने कागजों पर चल रहे मदरसों पर नकेल कसने के लिए वेब पोर्टल madarsaboard.upsdc.gov.in बनवाया था।
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तहतानियां, फौकानियां, आलिया और उच्च आलिया स्तर के मान्यता प्राप्त 19,143 मदरसों को अपना डाटा ऑनलाइन अपलोड करना है। विवरण अपलोड करने की अंतिम तिथि शुक्रवार को समाप्त हो रही है। अभी तक करीब 8 से 9 हजार मदरसों ने ही विवरण अपलोड किया है।
अनुदानित मदरसों के सामने मुश्किल यह है कि शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का वित्तीय विवरण ऑनलाइन हासिल होने के बाद खातों का सत्यापन होने पर ही वेतन का भुगतान होगा। इस बीच मदरसा बोर्ड अंतिम तिथि बढ़ाने को लेकर कोई निर्णय नहीं कर पा रहा है।
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मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार राहुल गुप्ता का कहना है कि वेब पोर्टल पर विवरण अपलोड करने की अंतिम तिथि बढ़ाने के लिए शासन को फाइल भेजी गई है। तिथि नहीं बढ़ी तो 11 हजार मदरसों की मान्यता पर खतरा पैदा हो जाएगा।
इसके अलावा 560 अनुदानित मदरसों को अनुदान में भी दिक्कतें आएंगी। क्योंकि अब जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी हर महीने अनुदान का भुगतान पोर्टल पर ही ऑनलाइन करेंगे। ऐसे में वेब पोर्टल पर जिसका विवरण नहीं होगा उसे सरकारी योजनाओं का लाभ नही मिलेगा।