लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रावासों में अनुशासन और सुरक्षा सख्त करने के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। अब किसी भी छात्रावास के रूम में बाहरी छात्र पाया गया तो संबंधित विद्यार्थी का हॉस्टल आवंटन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा। इसकी जानकारी अभिभावकों को भी दी जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत छात्राएं रात आठ बजे के बाद और छात्र 10 बजे के बाद छात्रावास में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। हाल ही में अंतःवासियों और बाहरी छात्रों के बीच मारपीट की घटनाओं के बाद विश्वविद्यालय ने यह कदम उठाया है।
प्रो. मनुका खन्ना की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई सुरक्षा समीक्षा बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी हॉस्टलों के मुख्य द्वारों पर सीसीटीवी कैमरों से पल-पल की निगरानी होगी और सुरक्षा कर्मियों को रात में पूरी तरह सक्रिय रहना होगा। बैठक में अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. वीके शर्मा, चीफ प्रोवोस्ट प्रो. अनूप कुमार सिंह और चीफ प्रॉक्टर प्रो. राकेश द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
रात में होगी रैंडम चेकिंग
कुलपति ने निर्देश दिया कि प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम अलग-अलग दिनों में किसी भी छात्रावास में औचक निरीक्षण करेगी। चेकिंग के दौरान कर्मचारियों की लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
कर्मचारियों से अभद्रता पर भी सख्ती
प्रॉक्टर प्रो. राकेश द्विवेदी ने कहा कि यदि कोई छात्र कर्मचारियों से बदसलूकी या मारपीट की कोशिश करता है तो अगले ही दिन से उसे छात्रावास में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे विद्यार्थियों को भविष्य में भी हॉस्टल आवंटन नहीं मिलेगा। विश्वविद्यालय से लेकर छात्रावास तक शैक्षिक माहौल बने। इसके लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं।
मीटिंग में लिए गए प्रमुख निर्णय
- तय समय के बाद छात्र–छात्राओं को हॉस्टल में प्रवेश नहीं।
- रूम में बाहरी छात्र मिलने पर आवंटन निरस्त।
- मनमानी पर अभिभावकों को सूचना।
- कर्मचारियों से अभद्रता पर स्थायी रोक।
- सभी छात्रावासों की निरंतर मॉनीटरिंग।
- जहां सीसीटीवी कम हैं, वहां संख्या बढ़ाई जाएगी।
- प्रोवोस्ट को भी रात के समय सक्रिय रहना होगा।