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चंद्रग्रहण आज रात 9:57 बजे से, दोपहर 12:57 बजे से शुरू होगा सूतक काल

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लखनऊ। इस वर्ष का दूसरा और अंतिम चंद्रग्रहण रविवार को होगा। यह पूरे भारत में देखा जाएगा। इसी दिन से पितृपक्ष की शुरुआत हो रही है। ग्रहण रात 9:57 बजे शुरू होगा। यह 11:01 से 1:26 बजे तक चरम पर रहेगा।
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भारत में चंद्रग्रहण 3 घंटे 29 मिनट तक रहेगा। इसका सूतक काल नौ घंटे पहले दोपहर 12:57 बजे शुरू हो जाएगा और ग्रहण की समाप्ति तक रहेगा। ग्रहण के दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि ग्रहण पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र और कुंभ राशि के जातकों के लिए अशुभफल देगा। ग्रहण देश-दुनिया के लिए शुभ नहीं है। प्राकृतिक आपदाएं आ सकती हैं। सूतक काल के दौरान स्नान, दान, मंदिर में बैठकर पूजा न करें।

ग्रहण के दौरान आध्यात्मिक साधना और मंत्र सिद्धि विशेष फलदायी माने जाते हैं। ग्रहण के बाद पानी में गंगा जल डालकर स्नान करें। गर्भवती महिलाएं ग्रहण काल के दौरान नुकीली चीजें का इस्तेमाल न करें। चंद्रग्रहण के बाद चावल, दूध, चीनी और आटा, सफेद कपड़ा, सफेद मिठाई का दान शुभ रहेगा।
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राशियों पर पड़ेगा प्रभाव

ज्योतिषाचार्य आनंद दुबे ने बताया कि चंद्रग्रहण मेष राशि के लिए लाभ, वृष के लिए सुख, मिथुन के लिए मान नाश होगा। कर्क राशि के लिए कष्टकारी, सिंह के लिए स्त्री पीड़ा, कन्या के लिए सुखदायी, तुला के लिए चिंताजनक, वृश्चिक के लिए व्यथा, धनु के लिए धन लाभ, मकर के लिए क्षति, कुंभ के लिए घातक, मीन के लिए हानिकारक माना जा रहा है।
ये उपाय अपनाएं
चंद्रग्रहण के दौरान खाने-पीने की वस्तुओं में कुशा डालें। गुरु मंत्र और गायत्री मंत्र का जप करें। गर्भवती महिलाएं पेट पर गाय के गोबर का पतला लेप लगाएं। जिनकी कुंडली में चंद्र राहु या चंद्र केतु साथ में हों वे चंद्रग्रहण के समय पांच किलो कोयला और एक किलो काली सरसों बहते पानी में प्रवाहित करें।
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