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Lucknow: जिम्मेदार सो रहे तो कैसे खुले पेट्रोल में मिलावट की पोल, हांफ रही गाड़ियां, वाहन मालिक बोले- जांच हो

Mon, 13 Jul 2026 12:28 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

पेट्रोल में मिलावट के कारण गाड़ियां हांफ रही हैं। वाहन मालिकों का कहना है कि पेट्रोल पंपों की जांच होनी चाहिए। ऊपर से 20% एथेनॉल की बात हो रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर हो रही मिलावट पर कोई ध्यान नहीं।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मिलावटी ईंधन के कारण आम जनता की गाड़ियां बीच सड़क पर दम तोड़ रही हैं। इस गंभीर समस्या पर अमर उजाला की खबरों का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने कार्रवाई तो शुरू कर दी है और एक मिलावटी पेट्रोल का टैंकर भी दबोचा है, लेकिन जिम्मेदारी संभालने वाले मुख्य जांच महकमों की सुस्ती अब भी बरकरार है।

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ताजा मामला रविवार को सामने आया, जब आलमबाग के संतोष कुमार की बाइक चलते-चलते बंद हो गई। मिस्त्री ने बताया कि पिस्टन जाम हो गया है और नया लगेगा। संतोष की तरह ही तजिंदर सिंह सहित कई लोगों को बाइक व स्कूटी के बीच रास्ते में बंद हुई।

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वाहन स्वामियों ने सवाल किया कि जब सरकार का दावा है कि 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग से गाड़ियों को कोई नुकसान नहीं होता, तो फिर ये इंजन क्यों सीज हो रहे हैं? ऐसे में लोगों को संदेह है कि मिलावटखोर स्थानीय स्तर पर पेट्रोल में कुछ और मिलाकर वाहनों को खराब कर रहे हैं।

उपभोक्ताओं का भी कहना है कि जिम्मेदार विभाग (आपूर्ति और गुणवत्ता जांच टीम) अब भी आंखें मूंदे बैठा है। अगर सभी पेट्रोल पंपों की जमीनी स्तर पर कड़ाई से जांच नहीं की गई, तो मिलावटखोरों के हौसले ऐसे ही बुलंद रहेंगे। सरकार के आदेश के बावजूद जिम्मेदार मिलावट की जांच क्यों नहीं कर रहे हैं, यह सवाल भी उठ रहा है।

उपभोक्ताओं की राय
राजाजीपुरम के मुमताज अहमद का कहना है कि पेट्रोल से गाड़ियां खराब हो रही हैं, तो इसकी जांच होनी चाहिए। ऊपर से 20% एथेनॉल की बात हो रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर हो रही मिलावट पर कोई ध्यान नहीं।

अमीनाबाद के सुरेश छबलानी का कहना है कि 20 फीसदी एथेनॉल मिश्रण के बाद 2023 से पहले बने वाहनों का माइलेज कम हो रहा है। इंजन और अन्य कलपुर्जों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, इंजन की आवाज में भी बदलाव महसूस हो रहा है।

नाका के नीलेश अग्रवाल का कहना है कि सरकार को पेट्रोल के नमूने लेकर जांच करानी चाहिए। इससे मिलावटखोर बेनकाब होंगे और सरकार की छवि खराब होने से बचेगी।

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पकड़े जा चुके हैं मिलावटी पेट्रोल-डीजल के मामले

- अप्रैल 2017 में सीतापुर रोड, गोमतीनगर के 8 पेट्रोल पंप में घटतौली पकड़ी गई थी।
- मई 2022 में मोहनलालगंज के मानखेड़ा में मिलावटी पेट्रोल-डीजल पकड़ा था।
- मई 2025 में सरोजनीनगर में 20 हजार लीटर मिलावटी पेट्रोल के साथ पांच लोग पकड़े गए।
- अगस्त 2025 में सैरपुर थानाक्षेत्र में मिलावटी पेट्रोल के खेल का खुलासा हुआ था।
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