यूपी के लिए भी मानसूनी सीजन चुनौती भरा रहा। पूरे सीजन में 533.6 मिमी. ही पानी बरसा, जबकि 746.2 मिमी. बरसात का अनुमान था। यानी 28 फीसदी कम बारिश हुई। सितंबर की झमाझम ने इस कमी को पूरा करने में मदद की।
मौसम के लिहाज से सितंबर का महीना लखनऊ के लिए राहत लेकर आया। ज्यादातर दिनों में मौसम खुशनुमा रहने से लोगों को गर्मी से राहत मिली तो बारिश ने भी जिले में 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ा।
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मौसम विभाग के वर्ष 2012 से 2021 तक के आंकड़े देखें तो सितंबर में सबसे ज्यादा 328.1 मिमी. बरसात वर्ष 2021 में हुई थी। इस साल यह आंकड़ा 341.4 मिमी. रहा। एक जून से शुरू मानसूनी सीजन की बात करें तो लखनऊ में 30 सितंबर तक 683.2 मिमी. बरसात हुई, जबकि पूरे प्रदेश में 533.6 मिमी. ही पानी गिरा।
इससे पहले जुलाई व अगस्त में अपेक्षा से कम बरसात ने चिंता बढ़ा दी थी। जुलाई में तो 164.3 मिमी. ही बारिश हुई थी। इसने कम बारिश के 12 साल के रिकॉर्ड को तोड़ दिया था। इसी तरह अगस्त के शुरुआती दिनों में ही 42 फीसदी कम बरसात रिकॉर्ड हुई थी।
यूपी का घाटा भी कुछ कम हुआ
यूपी के लिए भी मानसूनी सीजन चुनौती भरा रहा। पूरे सीजन में 533.6 मिमी. ही पानी बरसा, जबकि 746.2 मिमी. बरसात का अनुमान था। यानी 28 फीसदी कम बारिश हुई। सितंबर की झमाझम ने इस कमी को पूरा करने में मदद की। एक जून से 15 सितंबर तक पूर्वी यूपी में 42 और पश्चिमी यूपी में 45 फीसदी कम बरसात दर्ज की गई। इसके बाद 16 से 30 सितंबर के बीच हुई बरसात से यह घाटा कम होकर 30 और 25 फीसदी रह गया।
दिवाली तक बरसात के आसार
मानसून खत्म हुआ या नहीं, फिलहाल अभी इसकी घोषणा नहीं है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि तीन से छह अक्तूबर तक बरसात होगी। दिवाली तक बारिश के आसार नजर आ रहे हैं।