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लखनऊ यूनिवर्सिटीः टेंशन होगी छूमंतर, हंसते-मुस्कुराते होगी पढ़ाई

Mon, 06 Jul 2020 02:39 PM IST
ishwar ashish सचिन त्रिपाठी, अमर उजाला, लखनऊ
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लखनऊ यूनिवर्सिटी - फोटो : अमर उजाला
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तनाव, अवसाद व नकारात्मक विचारों से जूझते युवाओं में सकारात्मकता का संचार करने के लिए लविवि हैप्पी थिंकिंग लैब की स्थापना करेगा। मनोविज्ञान विभाग में स्थापित होने वाली इस लैब में विद्यार्थियों का मनो-अध्यात्मिक विकास किया जाएगा। इस लैब के जरिए युवाओं को चिंता, परेशानी, रिश्तों के प्रति असुरक्षा जैसी भावना से निपटने के तरीके बताए जाएंगे।
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साथ ही विद्यार्थियों पर इनके प्रभाव की गणना की जाएगी। एलयू तीन अन्य केंद्रों की स्थापना भी करेगा। मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. मधुरिमा प्रधान ने बताया कि अपने शोध के दौरान उन्होंने देखा कि विद्यार्थियों में नकारात्मक विचार हावी हो रहे हैं। भारतीय दर्शन और संस्कृति में इसका समाधान है।

हमारे वेद, ग्रंथ, पुराण आदि में इसका वर्णन है। इनके अनुसार हम भौतिक सामग्री में आनंद नहीं तलाश सकते हैं। यह आनंद हमें अपने आप से जुड़कर ही मिल सकता है। विद्यार्थियों का मनो-अध्यात्मिक विकास करके विद्यार्थियों को इस नकारात्मकता से बाहर निकाला जा सकता है। इसलिए विभाग में हैप्पी थिंकिंग लैब की स्थापना की जा रही है।
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यह लैब विद्यार्थियों को खुश रहने के तरीके बताएगी। लैब में थ्योरी के साथ ही योग और ध्यान जैसी प्रायोगिक क्रियाएं भी विद्यार्थियों को सिखाई जाएंगी। लैब की सबसे बड़ी खासियत विद्यार्थियों पर इन तरीकों और क्रियाओं के असर को मापने की व्यवस्था होना भी होगी। इस तरह से इस लैब के माध्यम से अपनाए जा रहे उपायों का प्रभाव भी जांचा जा सकेगा। मनोविज्ञान विभाग के विद्यार्थियों के साथ ही चॉयस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम में अन्य विभाग के विद्यार्थी भी इससे जुड़ सकेंगे।
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फूड प्रोसेसिंग सेंटर की भी होगी स्थापना

लविवि हैप्पी थिंकिंग लैब के साथ खाद्य समस्या की गंभीरता को देखते हुए फूड प्रोसेसिंग सेंटर की भी शुरुआत करेगा। लविवि ने फूड प्रोसेसिंग और हैप्पी थिंकिंग लैब के साथ ही कलाम इनोवेशन सेंटर और हाइड्रो कॉर्बन सेंटर की शुरुआत भी करेगा। इन संस्थानों में स्टूडेंट्स के लिए डिग्री, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट कोर्स भी चलाए जा सकेंगे।

इनका प्रस्ताव कार्य परिषद से पास हो चुका है। लविवि कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने बताया कि फूड प्रोसेसिंग इंस्टीट्यूट में इंटरनेशनल लैब बनाने का प्रस्ताव भी है। इस लैब को नेशनल एक्रेडिएशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिबरेशन लैबोरेटरीज (एनएबीएल) से प्रमाणित कराने की योजना है।

इसके बाद इस प्रयोगशाला में जांचे गए खाने के सैंपल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिल सकेगी। साथ ही संस्थान में फूड प्रोसेसिंग और तकनीक पर आधारित कई कोर्स चलेंगे। इसके अलावा कलाम सेंटर फॉर इनोवेशन की स्थापना इंजीनियरिंग संकाय के अधीन की जाएगी। इसमें विद्यार्थी अपने नवाचार के विचारों को प्रयोगों के माध्यम से वास्तविकता में बदलेंगे। ओएनजीसी सेंटर में हाइड्रो कार्बन संस्थान की स्थापना होगी। 

राजधानी में इस तरह की पहली लैब
मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. मधुरिमा प्रधान के अनुसार लखनऊ में किसी विश्वविद्यालय में यह अपनी तरह की पहली लैब होगी। गुजरात विवि में इस तरह की लैब स्थापित है। शांतिकुंज, विपश्यना ध्यान केंद्र, ब्रह्मकुमारी आदि में भी ऐसी लैब हैं। इनमें आने वालों की संख्या को देखकर इनके प्रभाव का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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