प्रदर्शन के बाद लखनऊ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मनुका खन्ना को ज्ञापन देते छात्र। स्रोत ः छा
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के एलएलबी स्नातक में अंकों के लिए लागू हुई नई व्यवस्था का छात्रों ने विरोध किया है। इस संबंध में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) के सदस्य छात्रों ने बृहस्पतिवार को कुलपति कार्यालय का घेराव किया। कुलपति से मुलाकात कर बात रखने का प्रयास किया तो कर्मचारियों ने चैनल में ताला डाल दिया। इससे नाराज छात्र वहीं धरने पर बैठ गए।
मामला बढ़ते देखकर अधिकारियों ने छात्रों की कुलपति से वार्ता कराई। छात्रों ने बताया कि एलएलबी स्नातक में नए सत्र से वायवा में अंकों की कटौती करते हुए 20 नंबर सेमेस्टर परीक्षा परिणाम में जोड़ दिए गए हैं। इससे नए विद्यार्थियों का नुकसान होगा। फाइनल में उनके अंकों का प्रतिशत गिरेगा। इस संबंध में ज्ञापन देकर कुलपति से मांग की नए विद्यार्थियों को पुरानी व्यवस्था में ही रखा जाए।
छात्र संगठन के राष्ट्रीय संयोजक विशाल सिंह का कहना है कि स्नातक एलएलबी में 30% अंक वायवा और 70% अंक सेमेस्टर परीक्षा में दिए जाते थे। अब नई व्यवस्था में 10 अंक वायवा और 90 अंक सेमेस्टर परीक्षा में दिए जाएंगे। वायवा से 20 अंक कम किए गए हैं। ये व्यवस्था नए विद्यार्थियों पर लागू है, जबकि पुराने छात्रों को इसमें अभी छूट है। नए विद्यार्थियों का कहना है कि जब अंक घटेंगे तो व पीसीएस जे का फॉर्म नहीं भर पाएंगे।
g पीएसएस जे का फॉर्म भरने के लिए ये है पात्रता : बता दें कि सामान्य व ओबीसी अभ्यर्थी एलएलबी डिग्री में न्यूनतम 70% अंक जरूरी हैं। वहीं अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए एलएलबी डिग्री में न्यूनतम 50% अंक जरूरी हैं। ऐसे में छात्रों का दावा है कि नई व्यवस्था से सामान्य व ओबीसी वर्ग के छात्रों का नुकसान होगा।
प्रदर्शन के बाद लखनऊ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मनुका खन्ना को ज्ञापन देते छात्र। स्रोत ः छा