फर्जी अंकपत्र मामले में लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। इनमें से एक नायाब हुसैन पुलिस की गिरफ्त में है, जबकि तीन कर्मचारी फरार हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि उसे चार जालसाजों की तलाश है।
इनके नाम बुधवार को पकड़े गए जालसाजों ने उजागर किए थे। उनकी निशानदेही पर दबिश दी जा रही है। निलंबन की कार्रवाई के साथ ही लविवि प्रशासन ने इन्हें आवंटित सात आलमारियां सील कर दी हैं। साथ ही पुलिस को जांच में पूरा सहयोग करने के लिए पत्र भी भेजा है।
लविवि कुलसचिव एसके शुक्ल ने बताया कि परीक्षा विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नायाब हुसैन को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। नायाब और पकड़े गए सदस्यों ने पूछताछ में बताया कि लविवि के संजय सिंह चौहान, राजीव पांडेय और जीबी सिंह भी इस काम में उनके सहयोगी हैं। नाम सामने आने पर लविवि ने इन चारों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जांच पूरी होने में अगर ये दोषी मिलते हैं तो इन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पूरी तरह होगी जांच
डेमो
निलंबित कर्मचारियों के जिम्मे था ये काम
संजय सिंह चौहान, कनिष्ठ सहायक- बीएससी तृतीय वर्ष
राजीव पांडेय, वरिष्ठ सहायक- बीए द्वितीय वर्ष
जीबी सिंह, कनिष्ठ सहायक- डिग्री सेक्शन में समायोजित
नायाब हुसैन, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी
पूरी तरह होगी जांच
पुलिस ने फर्जी अंकपत्र रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस रैकेट की जड़ें लविवि में कहां तक हैं, इसकी जांच शुरू कर दी गई है। लविवि प्रशासन पूरी निष्पक्षता से इसकी जांच करेगा। जांच में जो कोई दोषी मिलेगा उस पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। शुरुआती तौर पर जिनके नाम सामने आए हैं, उन्हें जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया गया है। - एसके शुक्ल कुलसचिव, लविवि
पुलिस को लिखा गया पत्र
लविवि कुलसचिव को निर्देश दिया गया है कि वे एसएसपी को इस मामले में पत्र लिखें। मामले की जांच में विवि पूरी तरह से सहयोग करेगा। इसके लिए परीक्षा नियंत्रक को निर्देश दिया गया है कि वे पिछले पांच साल केटेबुलेशन का मिलान कराएं। इस तरह के फर्जीवाड़े में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। - प्रो.एसपी सिंह कुलपति, लविवि