लखनऊ विश्वविद्यालय में कुलपति को बंधक बनाने और प्रशासनिक भवन में उपद्रव करने के आरोप में जिन 11 छात्रों को निलंबित किया गया था उन्होंने शनिवार को चीफ प्रॉक्टर को अपना जवाब सौंप दिया।
निलंबित छात्रों ने अपने ऊपर लगाए आरोपों को खारिज किया है। साथ ही निलंबन वापस न लेने और हॉस्टल अलॉटमेंट की प्रक्रिया व्यवस्थित न करने पर फिर से आंदोलन की चेतावनी दी है।
मंगलवार रात को हॉस्टल आवंटन की सूचना न देने, अलॉटमेंट केनियम बदलने, 50 फीसदी से कम अंक वालों को हॉस्टल न देने समेत कई मुद्दों को लेकर छात्रों ने कुलपति का घेराव कर प्रदर्शन किया था। मध्यरात्रि 12 बजे तक कुलपति ऑफिस से नहीं निकल सके थे। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर छात्रों को खदेड़ा था।
लविवि प्रशासन ने कुलपति को बंधक बनाने और हिंसात्मक उपद्रव का आरोप लगाकर 11 छात्रों को निलंबित कर दिया था। इनमें विनय सिंह, आशीष मिश्रा, विपुल बालियान, अवकाश सिंह, अवनीश, सुधांशु सिंह, अमिनेष जायसवाल, महेंद्र यादव, मनीष सिंह, आशुतोष सिंह और पूजा शुक्ला थी। प्रॉक्टर ने इनसे अपना पक्ष रखने को कहा था।