लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रमों को लेकर नई शैक्षणिक व्यवस्था तैयार हो चुकी है। इसे अगले सत्र से लागू किया जाएगा। चौथे साल की डिग्री के लिए विद्यार्थियों को तीन विकल्प दिए गए हैं जिनमें यूजी ऑनर्स, यूजी हॉनर्स विद रिसर्च और यूजी ऑनर्स विद एंटरप्रेन्योरशिप शामिल हैं। चौथे वर्ष में प्रवेश लेने के लिए न्यूनतम 7.5 सीजीपीए की बाध्यता भी खत्म कर दी गई है। अब इससे कम सीजीपीए प्राप्त करने वाले छात्र भी चौथे वर्ष में प्रवेश ले सकेंगे।
पाठ्यक्रम के पुनर्गठन के लिए गठित समिति की संस्तुतियां गत 30 सितंबर को हुई विद्या परिषद के एजेंडे में शामिल की गई थीं। समिति की सेक्रेटरी व निदेशक रैंकिंग प्रो. गीतांजलि ने बताया कि यूजी ऑनर्स के तहत सातवें और आठवें सेमेस्टर में कुल नौ पेपर होंगे जिसमें थ्योरी और प्रैक्टिकल का अनुपात संबंधित विभाग तय करेगा। इसके अलावा यूजी हॉनर्स विद रिसर्च के अंतर्गत सातवें और आठवें सेमेस्टर में दो-दो पेपर रखे गए हैं। सातवें सेमेस्टर में एक पेपर एथिक्स एंड रिसर्च का होगा जबकि दूसरा पेपर रिसर्च मेथोडोलॉजी का रहेगा। इसके अलावा आठवें सेमेस्टर में भी दो नए पेपर होंगे जिन्हें विभागवार तैयार किया गया है। स्नातक के चौथे वर्ष में इन बदलावों को अगले सत्र से लागू किया जा रहा है।
विद्यार्थियों को मिलेगा इंडस्ट्री का साथ, इंटर्नशिप में कमाई भी होगी
प्रो. गीतांजलि ने बताया कि यूजी ऑनर्स विद एंटरप्रेन्योरशिप के तहत चौथे वर्ष में छात्र किसी इंडस्ट्री के साथ प्रैक्टिकल नॉलेज प्राप्त करेंगे। इससे उन्हें उस इंडस्ट्री की बारीकियां पता चलेंगी और किताबी ज्ञान से इतर उन्हें प्रैक्टिकल ज्ञान भी मिलेगा। विद्यार्थियों के इंडस्ट्री में होने के कारण उनका विश्वविद्यालय आना संभव नहीं होगा। ऐसे में उनकी उपस्थिति मूक (मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स) के माध्यम से दर्ज की जाएगी। इसके अलावा इन छात्रों के लिए भी सातवें और आठवें सेमेस्टर में दो-दो पेपर की व्यवस्था की गई है जिसके लिए उन्हें मूक की सुविधा दी जाएगी।
चौथे साल में शोध का मौका, थ्योरी के साथ प्रैक्टिकल पर जोर
चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में चौथे वर्ष को विद्यार्थियों की रुचि और कॅरिअर की जरूरतों से जोड़ने की तैयारी है। नई व्यवस्था में छात्र अपनी पसंद के अनुसार उच्च शिक्षा, शोध या उद्यमिता का रास्ता चुन सकेंगे। यूजी ऑनर्स में सातवें और आठवें सेमेस्टर में कुल नौ पेपर होंगे। वहीं, यूजी ऑनर्स विद रिसर्च में शोध की बुनियादी समझ विकसित करने के लिए सातवें सेमेस्टर में एथिक्स एंड रिसर्च और रिसर्च मेथोडोलॉजी के पेपर रखे गए हैं। उद्यमिता का विकल्प चुनने वाले विद्यार्थियों को इंडस्ट्री का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। चौथे वर्ष में पढ़ाई का स्वरूप विद्यार्थियों के चुने गए विकल्प के अनुसार अलग-अलग होगा।
- प्रो. जेपी सैनी, कुलपति- लविवि