हसनगंज के खदरा स्थित कबीर मठ में रह रहे लखनऊ विश्वविद्यालय के एमएससी छात्र ने महंत पर बंधक बनाकर कुकर्म करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने छात्र की तरफ से महंत धीरेंद्र दास के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
घटना दो महीने पुरानी है। पुलिस जब महंत से पूछताछ करने मठ पहुंची तो महंत ने दरवाजे बंद कर लिए। मठ प्रबंधक हरीश ने किराए के विवाद में फर्जी आरोप लगाने की बात कही है। पुलिस ने पीड़ित छात्र का मेडिकल परीक्षण कराया है।
इंस्पेक्टर हसनगंज उदयवीर सिंह ने बताया कि सीतापुर निवासी 21 वर्षीय छात्र चार साल से मठ में रहकर लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी कर रहा है। छात्र का आरोप है कि दो महीने पहले मठ के महंत ने उसे किसी काम से बुलाया और बंधक बनाकर कुकर्म किया।
शिकायत करने पर धमकी भी दी। रविवार को छात्र कोतवाली पहुंचा और महंत के खिलाफ तहरीर दी। इंस्पेक्टर ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर एक टीम मठ भेजी गई लेकिन वहां महंत ने दरवाजे बंद कर लिए।
पीड़ित छात्र का हो चुका है मानसिक इलाज
डेमो
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काफी प्रयास के बाद दरवाजे नहीं खुले तो पुलिस टीम लौट आई। मठ के मैनेजर का कहना है कि छात्र के अलावा 40-50 अन्य छात्र भी रहते हैं। इन छात्रों को मठ में नि:शुल्क रखा गया है।
सिर्फ बिजली के 200 रुपये प्रति महीने लिए जाते हैं। आरोप लगाने वाले छात्र ने कई महीने से यह रकम भी नहीं अदा की। उस पर लगभग 6000 रुपये बकाया हैं।
रुपये मांगने पर छात्र ने फर्जी आरोप लगा दिए। इंस्पेक्टर का कहना है कि जांच की जा रही है। पीड़ित छात्र की मानसिक स्थिति ठीक न होने की बात सामने आई है। छात्र के चाचा का कहना है कि कुछ महीने पहले उसका उपचार भी हो चुका है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट में भी छात्र के साथ किसी प्रकार का कुकर्म न होने की बात सामने आई है। पुलिस छात्र के बारे में पूरी जानकारी जुटा रही है।मठ में रहने वाले छात्र महंत धीरेंद्र दास के समर्थन में हैं।
उन्होंने महंत के खिलाफ लगे आरोपों को झूठ बताया। छात्रों का कहना है कि महंत उनका परिवार के सदस्यों की तरह ख्याल रखते हैं। बीमारी या अन्य मुसीबत में वह हमेशा मदद करते हैं।