लखनऊ। लंबे समय से वेतन वृद्धि की उम्मीद लगाए बैठे लखनऊ विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए मंगलवार की वित्त समिति की बैठक अहम हो सकती है। कुलपति प्रो. जेपी सैनी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में बजट के साथ सेल्फ फाइनेंस शिक्षकों और नियत वेतन कर्मचारियों के हित से जुड़े कई प्रस्ताव रखे जाने हैं। इनमें वेतन और पारिश्रमिक बढ़ाने के प्रस्ताव भी शामिल हो सकते हैं।
नियत वेतन कर्मचारियों के लिए 11,600 रुपये के नियत वेतन को बढ़ाकर 18 हजार रुपये करने का प्रस्ताव रखा जा सकता है। वहीं, जिन नियत वेतन कर्मचारियों को अभी 17 हजार रुपये वेतन मिल रहा है, उनका वेतन 21,400 रुपये किए जाने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा जा सकता है। इससे नियत वेतन कर्मचारियों के वेतन में चार से छह हजार रुपये तक की बढ़ोतरी का रास्ता खुल सकता है। इस प्रस्ताव से करीब 94 कर्मचारियों के लाभान्वित होने की उम्मीद है।
अतिथि शिक्षकों के पारिश्रमिक में भी वृद्धि के संकेत
सेल्फ फाइनेंस में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के पारिश्रमिक में भी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखे जाने के संकेत हैं। इसके तहत थ्योरी की कक्षा के लिए 1500 रुपये और प्रैक्टिकल कक्षा के लिए 750 रुपये प्रति घंटा पारिश्रमिक देने का प्रस्ताव रखा जा सकता है। मौजूदा व्यवस्था में करीब 35 हजार रुपये मिलने की स्थिति में यह बढ़ोतरी होने पर पारिश्रमिक करीब 50 हजार रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है।
संविदा शिक्षकों के वेतन में तीन फीसदी वृद्धि की तैयारी
इसके अलावा संविदा शिक्षकों के लिए भी तीन फीसदी वेतन वृद्धि का प्रस्ताव रखने की तैयारी है। कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा ने कहा कि विश्वविद्यालय कर्मचारियों और शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए जो भी संभव है, उसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। वित्त समिति की बैठक में कर्मचारियों और शिक्षकों के हित से जुड़े प्रस्तावों के साथ कई अन्य अहम प्रस्ताव भी आने वाले हैं।