लविवि अपने दाखिलों के साथ ही स्व वित्तपोषित महाविद्यालयों को दाखिले के लिए विद्यार्थी देने पर भी मंथन चल रहा है। असल में स्व वित्तपोषित महाविद्यालयों की मांग को देखते विवि प्रशासन इस पर विचार कर रहा है कि उनके यहां के दाखिले लविवि ही कर दे। इसके लिए समिति भी बनाई गई है।
इस तरह से लविवि को फॉर्म फीस के रूप में अतिरिक्त आमदनी होगी, वहीं महाविद्यालयों को विद्यार्थी मिल जाएंगे। फिलहाल इससे सिर्फ निजी कॉलेज ही जुड़ते दिख रहे हैं। अनुदानित महाविद्यालय इसके लिए संभवत: तैयार न हों। क्योंकि आवेदन फॉर्म से मिली फीस उनके लिए आय का एक अच्छा साधन है।
अभ्यर्थियों की मांग पर बढ़ी तिथि
लविवि प्रवक्ता डॉ दुर्गेश श्रीवास्तव का कहना है कि अभी भी काफी विद्यार्थी आवेदन फॉर्म नहीं भर पाए हैं। उनकी मांग को देखते हुए आवेदन फार्म भरने की अंतिम तारीख 15 जुलाई तक बढ़ा दी गई है।