लखनऊ। महामारी के समय सरकारें कैसे फैसले लेती हैं और जनता को कैसे समझाती हैं, इस विषय पर अध्ययन के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय के विधि संकाय के असिस्टेंट प्रोफेसर पंच ऋषि देव शर्मा को बड़ी अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। उन्हें महामारी इमरजेंसी गवर्नेंस पर अध्ययन के लिए यूरोपीय संघ की प्रतिष्ठित- इरास्मस फेलोशिप से सम्मानित किया गया है।
पंच ऋषि का अध्ययन बताता है कि प्लेग, हैजा, इन्फ्लूएंजा और कोविड-19 जैसी महामारियों के दौरान सरकारें केवल नियम ही नहीं बनातीं, बल्कि लोगों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए कहानियों और संदेशों यानी नैरेटिव का भी सहारा लेती हैं। उन्होंने चीन, इटली, अमेरिका, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और भारत जैसे देशों के उदाहरणों का अध्ययन किया है।
इस अध्ययन का उद्देश्य यह समझाना है कि संकट के समय निर्णय कैसे लिए जाते हैं, कानून कैसे लागू होते हैं और जनता का भरोसा कैसे बनाए रखा जाता है। उनका एक अध्ययन लेख कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस की इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एशियन स्टडीज में प्रकाशित हो चुका है।